देहरादून: 25 जून, वर्ष 2011 से लंबित चयनित राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों की नियुक्ति की मांग को लेकर 'राज्य आंदोलनकारी सयुक्त मंच' का कार्मिक अनशन एवं धरना प्रदर्शन 11 वे दिन भी जारी रहा । आंदोलनकारियों के इस संघर्ष को समर्थन देने के लिए आंदोलनकारी सम्मान परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप धरना स्थल पर पहुंचे उन्होंने आंदोलकारियों की मांगो के प्रति एकजुटता दिखाते हुए 1 घंटे का सत्याग्रह कर आंदोलनकारियों को अपना पूर्ण समर्थन दिया । आंदोलनकारी सम्मान परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने धरना स्थल पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए राज्य सरकार व नोकरशाही को आड़े हाथो लिया उन्होंने कहा 10% क्षैतिज आरक्षण एक्ट पारित होने के बाद भी विगत दो सालों में केवल सात (7) अभ्यर्थियों की नियुक्ति सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर बड़ा सवाल खड़ा करती है। उन्होंने कहा कि 14 वर्ष के उपरांत भी चयनितो की नियुक्ति ना होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। 10% क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था कांग्रेस सरकार में लागू की गई थी परंतु भाजपा सरकार ने इस की गलत व्याख्या करके परीक्षा पास किये हुए कई अभ्यर्थियों को सत्यापन के बावजूद भी नियुक्ति से वंचित कर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के लिए अपना सब कुछ कुर्बान करने वाले आंदोलनकारियों के साथ ये बड़ा विश्वासघात है। एक्ट बन जाने के 2 वर्ष उपरांत भी सिर्फ 7 ही लोगों को नियुक्ति प्रदान करना और बाकी को नौकरशाही के द्वारा छल से वंचित करना दुर्भाग्य का विषय है। उन्होंने सरकार से मांग की कि तुरंत सभी पात्र आंदोलनकारियों को उनके विभिन्न विभागों में नियुक्त किया जाए। इससे पहले कि आचार संहिता लग जाए। आज आंदोलन के 11वे दिन धरना स्थल पर क्रमिक अनशन पर बैठने वाले प्रमुख चेहरों में में विनोद असवाल (अध्यक्ष वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी संयुक्त मोर्चा), नवीन नैथानी (केंद्रीय महामंत्री चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति) उत्तराखंड, पंकज सिंह रावत व विकास शामिल रहे ।
धरने को समर्थन देने और मंच का हौसला बढ़ाने वालो में में सयुंक्त के मंच सयोंजक अम्बुज शर्मा, शैलेश सेमवाल,विपुल नौटियाल, रामकिशन,दिनेश राणा ,महेश जोशी, ललित ध्यानी, प्रभात डंडरियाल,मोहम्मद इरशाद, सुनीता ठाकुर, मनोरथ प्रसाद ध्यानी,गीता बिष्ट ,सावित्री पवार, दीपा देवी, प्रतिभा चौहान, अनुराधा मेंदोला ,विकास रावत, दीवान सिंह कार्की, अनुराग भट्ट समेत कई आंदोलकारी उपस्थित रहे। आंदोलकारियों ने शासन - प्रशासन को साफ चेतावनी दी जब तक जायज मांगे पूरी नहीं होती, उनका यह धरना प्रदर्शन जारी रहेगा ।



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