एक्ट बनने के बावजूद नियुक्ति न मिलने के विरोध प्रदर्शन में शहीद स्मारक पर राज्य आंदोलनकारियों का कार्मिक अनशन 9वे दिन भी जारी



 देहरादून, शहीद स्मारक देहरादून में चल रहे राज्य आंदोलनकारी/आश्रितों को एक्ट बन जाने के बावजूद नियुक्ति न मिल पाने के कारण चल रहा धरना/क्रमिक अनशन आज 9वें दिन भी जारी रहा । आज क्रमिक अनशन में  उत्तरकाशी से पंकज रावत , दिनेश राणा तथा विकास रावत बैठे।  सर्वप्रथम आज लखनऊ के कोचिंग सेंटर में हुई 15 छात्रों की जिंदा  जलने से हुई आकस्मिक मौत पर 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। तत्पश्चात धरना प्रदर्शन के 9 दिन बीत जाने के बाद भी सरकार का कोई भी  प्रतिनिधि  धरना स्थल पर  नहीं पहुंचा  सभी आंदोलनकारियों ने सरकार की घोर निन्दा की। आंदोलकारियों का कहना है कि  एक्ट बन जाने के बावजूद भी पिछले  2 साल से वे सिर्फ सरकार  के आश्वासनों  की उम्मीद पर  अपनी नियुक्ति की बाट जोह रहे हैं,  सभी आंदोलनकारियों ने सरकार से मांग की कि वो शीघ्र इस सवेंदनशील  मामले का निस्तारण कर सभी पीड़ितों को न्याय दें।

   उत्तराखंड आंदोलनकारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष नवनीत गुसाईं ने आंदोलकारियों के पीड़ा बयां करते हुए कहा कि साल   2013 से संघर्ष कर रहे इन  सभी अभ्यर्थीयों की उम्र 55 वर्ष  के आसपास हो चुकी है अब  उनके पास  नौकरी के साल भी कम बचे हैं लेकिन इस सब के बावजूद शासन प्रशासन के कानों में जूं भी नहीं रेंग रही है। उत्तराखंड राज्य के लिए अपनी जान की बाजी लगाने वाले आंदोलनकारियों के साथ ये घोर अन्याय है।  उन्होंने कहा यदि शीघ्र इस मामले में सरकार सुध नहीं लेती तो ये आंदोलन और उग्र कर दिया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।

आज धरने और अनशन को अपना  समर्थन  देने के लिए राज्य के कई प्रमुख आंदोलनकारी और कई सामाजिक कार्यकर्ता  पहुंचे। समर्थन देने वालो में  मुख्य रूप से अम्बुज शर्मा, रामकिशन, शैलेश सेमवाल, नवीन नैथानी, नवनीत गुसाईं, मनमोहन रावत, सुरेश कुमार ,प्रभात डंडरियाल,मनोरथ ध्यानी, विनोद असवाल,लक्ष्मी बिष्ट, प्रतिभा चौहान,रामपाल,देवेश्वर काला, मनमोहन रावत, एडवोकेट अनुराधा मेंदोला, हरप्रीत सिंह आदि रहे। सभी ने एक सुर में  राज्य आंदोलनकारीयों  की मांगो पर सरकार  को शीघ्र  ही कार्यवाही करने हेतु मांग की 


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