इसमें आपको क्या प्रॉब्लम हैं ? अधिकरी ने दिया बेहद गैर - जम्मेदाराना जवाब




इसमें आपको क्या प्रॉब्लम हैं ? अधिकरी ने दिया बेहद गैर - जम्मेदाराना जवाब यह सिर्फ एक जवाब नहीं बल्कि जिम्मेदारी से बचने का साफ संकेत है।सड़क किनारे फेंका गया मलवा / कई गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है, जागरुक व्यक्ति द्वारा बताया गया की अधिकारी साहब द्वारा कहा गया था रोड़ के साइडो में मलवा फेके जाने से  आपको क्या इशू  है, और इसमें क्या गैरकानूनी है और यह किस तरह से खतरनाक है । जागरुक व्यक्ति ने बताया की अधिकारी के इन तर्क से उनको भी विश्वास हो गया कि इसमें कोई भी इशू नहीं है  और रोड़ों के साइड में मालवा फेका  जाना सिस्टम का ही एक भाग  है और वह इस बात को लेकर संतुष्ट हो गया की कम  से कम एक अधिकारी साहब ने फोन उठा कर आम आदमी से बात तो कर ली अन्यथा कई  अधिकारी तो दिन भर मीटिंग में ही बिजी रहते हैं और आम आदमी से बात करना और मिलना उनको नागवारा गुजरता है, लेकिन दोबारा जब जागरुक व्यक्ति इस रोड पर अपने गंतव्य के लिए निकला तब उसे ध्यान आया कि जब रोड के साइड में मालवा फेंका जा रहा है तथा यह गैरकानूनी भी नहीं है  लेकिन किसी यात्री को अपने वाहन को रोड के साइड में खड़ा करना है तो वह कहां पर खड़ा करेगा इन हाईवे के फुटपाथ पर साल भर  पैदल यात्री/  Pedestrian  और तीर्थ यात्री भी आवागमन करते रहते हैं आखिर उनका क्या होगा शायद अधिकारी जी को यह बात की जानकारी नहीं रही होगी कि फुटपाथ पर पैदल यात्री भी चलते हैं और और जब कोई वाहन खराब हो जाता है या किसी यात्री को सुस्ताना  होता है तब  वह अपना वाहन रोड के साइड में फुटपाथ पर ही पार्क करता है,  वैसे तो नेपाली फार्म से लेकर देहरादून मोहकमपूर फ़्लाई ओवर तक टोल रोड़ हाईवे की स्थिति कोई बहुत ज्यादा अच्छी नहीं है आपको इस हाइवे  पर छोटे-बड़े  इतने गड्ढे मिल जाएंगे कि उनका गिनती करना मुश्किल है एवं कई जगह  दो लेन के बीच में मीडियन/ सेन्ट्रल रिजर्व क्षेत्र  पर हरियाली विकसित करने व सौदियाकरण के नाम पर आपको झाड़ियां उगी हुई दिखाई देगी एवं  कई जगह पर  राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारीयों की अनदेखी के कारण कई स्थानों से  आरसीसी बैरियर हटवा दिए हैं, जिससे वाहनों का मुख्य मार्ग में अचानक प्रवेश करने से   दुर्घटनाओं का खतरा काफी बढ़ गया है तथा  इन कट से गाहे बगाहे कई  वाहन यू टर्न मारते हुए या बड़ी लापरवाही से गलत लेने में आते वाहन  दिखाई देंगे जिसके कारण कई बार बड़ी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।  जबकि सर्वोच्च न्यायालय ने एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्गों को "खतरे का कॉरिडोर" बनने से रोकने के लिए कड़े निर्देश दिए हैं, जिसमें खतरनाक स्थलों (Black Spots) को सुधारना और अवैध अतिक्रमण हटाना शामिल है। खैर हम यहां पर बात कर रहे हैं केवल सार्वजनिक स्थल पर मलवा डाले जाने की, एनएचआई  अधिकारियों द्वारा नेशनल हाइवे से सटे जिस सार्वजनिक स्थान पर डंपिंग जोन बनाया गया है यहां इस स्थान पर इस क्षेत्र के निवासी, श्रमिक सुबह व दिन के समय   अक्सर आकर विश्राम करते हैं,जिसके लिए  यहां पर बेंच भी लगाए गए हैं लेकिन यह जगह अब धीरे - धीरे संबधित (प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ,एनएचआई)  विभगों की लापरवाही / अनदेखी के  कारण डम्पिंग जोन  के रूप में तब्दील होता जा रहा है, चार दिन पूर्व एनएचआई के अधिकारी साहब का तर्क था कि यह मालवा रोड पर तो नहीं आ रहा है अब यह मलवा धीरे-धीरे रोड पर भी आने लग गया है इसकी तस्वीर लेकर जब  दुबारा से जागरूक नागरिक द्वारा अधिकारी जी को व्हाट्सएप के माध्यम से भेजी गई तो उन्होंने इसका उत्तर देना जरूरी नहीं समझा। निष्कर्ष यह है की उक्त  तस्वीर में  दिखाई दे रहा मालवा/Debris  संबंधित विभाग द्वारा उठाया भी जाता है तो इसमें जो खर्चा आएगा वह भी आम जनता को ही टैक्स के रूप में वहन  करना पड़ेगा।

Post a Comment

0 Comments