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सैकड़ो हरे-भरे पेड़ों की बलि देने के बाद भी ऋषिकेश-रानीपोखरी मार्ग पर 'खतरा' बरकरार

 सैकड़ो हरे-भरे पेड़ों की बलि देने के बाद भी ऋषिकेश-रानीपोखरी   मार्ग पर 'खतरा' बरकरार


  ऋषिकेश/देहरादून। विकास और जनसुरक्षा के दावों के बीच ऋषिकेश-रानीपोखरी मार्ग प्रशासन की दोहरी कार्यप्रणाली का गवाह बन रहा है। एक तरफ जहाँ बरसाती नदी चंद्रभागा के कहर से क्षतिग्रस्त हुई सड़क सालों से अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है, वहीं दूसरी ओर एक शराब की दुकान के समीप सैकड़ों पेड़ों को काटने में अभूतपूर्व तत्परता दिखाई गई है। ऋषिकेश फॉरेस्ट चौकी से लगभग 5 किमी आगे रानीपोखरी की ओर जाने पर चंद्रभागा नदी के कटाव के कारण सड़क का एक बड़ा हिस्सा बह गया था। आज तक यहाँ न तो कोई पुख्ता रिटेनिंग वॉल बनाई गई और न ही कोई सुरक्षा बांध। विभाग ने केवल रिफ्लेक्टर लगाकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली है। रानीपोखरी से ऋषिकेश की ओर आते समय यहाँ तीखी ढलान है। सड़क संकरी होने के कारण वाहनों का गुजरना जोखिम भरा है। बीते 16 दिसंबर को यहाँ दो हल्के वाहनों की भिड़ंत हो गई। गनीमत रही कि वाहन खाई में गिरने से बच गया, वरना कोई बड़ी जनहानि हो सकती थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। हैरानी की बात यह है कि जहाँ सड़क चौड़ीकरण और सुरक्षा दीवार की सख्त जरूरत है, वहाँ वन विभाग की फाइलें दबी हुई हैं। इसके विपरीत, इसी मार्ग पर सात मोड़ से आगे रानीपोखरी की ओर बड़कोट फॉरेस्ट रेंज के अंतर्गत आने वाले सैकड़ों पेड़ों को काटने के लिए अनुमति मिलने के बाद जिस तरह से सैकड़ो पेड़ काटने में जिस तरह से तेजी दिखाई गई वह आम आदमी समझ से परे है।। स्थानीय राहगीरों और ग्रामीणों का कहना है कि यह कटाई सड़क सुधार के लिए नहीं, बल्कि एक नई खुली वाइन शॉप (शराब की दुकान) को सड़क से साफ दिखाने के लिए की गई है। जो दुकान पहले पेड़ों के पीछे छिपी थी, वह अब दूर से ही नजर आने लगी है। सड़क क्षतिग्रस्त है और जान का खतरा है, वहाँ वर्षों से काम क्यों नहीं हुआ? जहाँ सड़क पहले से चौड़ी थी, वहाँ पेड़ काटने की इतनी जल्दी क्या थी? क्या प्रशासन की प्राथमिकता सुरक्षित सफर सुनिश्चित करना है या शराब के कारोबार को बढ़ावा देना? ऋषिकेश से देहरादून के बीच रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्री अब डरे हुए हैं। यदि जल्द ही क्षतिग्रस्त मार्ग पर सुरक्षा दीवार का निर्माण नहीं किया गया, तो आने वाले बरसात के सीजन में यह मार्ग पूरी तरह ठप हो सकता है या किसी बड़ी दुर्घटना का केंद्र बन सकता है।

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