Header Ads Widget

Spasht Express 05 June 2024




राज्य आंदोलनकारी अमित ओबेरॉय बने उत्तराखण्ड स्टूडेंट्स फेडरेशन के मेंटर

स्पष्ट एक्सप्रेस।
देहरादून, 03 जून 2024: उत्तराखण्ड स्टूडेंट्स फेडरेशन ने राज्य आंदोलनकारी अमित ओबरॉय को सर्वसम्मति से संगठन का मेंटर (सलाहकार सदस्य) बनाने का निर्णय लिया। अमित ओबरॉय राज्य आंदोलन के दौरान मुजफ्फरनगर कांड की बरसी पर रिस्पना पुल में हुए पुलिस लाठीचार्ज में गम्भीर रूप से घायल हो गए थे और उनके कंधे का निचला हिस्सा पूर्ण रूप से बेजान हो गया था । 
          उत्तराखण्ड स्टूडेंट्स फेडरेशन के अध्यक्ष लूशुन टोडरिया एवं युवा आंदोलनकारी प्रांजल नौडियाल ने प्रगति विहार स्थित उनके आवास जाकर उनसे मुलाकात कर उनको सलाहकार सदस्य बनने का निवेदन किया जिसको अमित ओबरॉय ने स्वीकार कर राज्य आंदोलनकारियों के सपनो का उत्तराखण्ड बनाने पर अपनी प्रतिबद्धता जताई ।अमित ओबेरॉय ने कहा कि विगत 23 वर्षों से राज्य में अलग अलग दलों की सरकारें रही परन्तु न केवल इन्होंने राज्य आंदोलनकारियों के हितों पर कुठाराघात किया बल्कि राज्य की जनता के साथ छलावा किया। अब सिर्फ उत्तराखण्ड के उन युवाओं से उम्मीद है जो जनता को उत्तराखण्ड के ज्वलन्त मुद्दों पर लामबंद कर रहे हैं। यूएसएफ को मजबूत बनाने के लिए राज्यहित को लेकर सक्रिय सभी ताकतों को एकजुट किया जाएगा। यूएसएफ अध्यक्ष लूशुन टोडरिया ने कहा की सरकार राज्य बनने के 23 वर्ष बाद भी राज्य और राज्य आंदोलनकारियों के हालातों पर कोई सुध नहीं ले रही है।
           आंदोलनकारी अमित ओबेरॉय करीब 30 साल से बिस्तर पर हैं परंतु उनके इलाज को लेकर सरकारें गम्भीर नहीं रही। एक ओर क्रिकेटर ऋषभ पंत के उपचार के वहन की घोषणा राज्य सरकार खुद करती है वहीं, दूसरी ओर अमित ओबरॉय जैसे आंदोलनकारी जिन्होंने राज्य बनाने के लिए अपनी जान की भी परवाह नहीं की उनके इलाज का खर्चा उनका परिवार खुद कर रहा है। टोडरिया ने कहा की यह हमारा सौभाग्य है कि अमित ओबरॉय जैसे राज्य आंदोलनकारी ने उत्तराखण्ड स्टूडेंट्स फेडरेशन का मेंटर बनने पर हामी भरी।
          युवा आंदोलनकारी प्रांजल नौडियाल ने कहा की  अमित ओबेरॉय के मार्गदर्शन से युवाओं में एक नई चेतना और राज्य के हितों के प्रति व्यापक रूप से जागरूकता आएगी जिसका लाभ उत्तराखण्ड की जनता को मिलेगा। नौडियाल ने कहा कि मूल निवास और एक सशक्त भू-कानून की जिस अवधारणा को लेकर अमित ओबेरॉय जैसे आंदोलनकारियों ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, उसका वर्तमान की सरकारों ने न केवल उपेक्षा की,अपितु पहले से मौजूद हक हकूकों के कानूनों को कमजोर कर राज्य के संसाधनों की खुली लूट के दरवाजे खोले। अमित ओबरॉय का यूएसएफ का मेंटर बनने से संगठन में एक नई ऊर्जा आएगी।


Post a Comment

0 Comments