ऋषिकेश, 22 मई 2024: टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, आरके विश्नोई ने टिहरी परिसर का दो दिवसीय (19 और 20 मई, 2024) सघन निरीक्षण दौरा किया। उनके साथ भूपेन्द्र गुप्ता, निदेशक (तकनीकी) और एलपी जोशी, परियोजना प्रमुख (टिहरी परिसर) सहित टीएचडीसीआईएल के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। आरके विश्नोई ने 1000 मेगावाट टिहरी पीएसपी के निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया।
आरके विश्नोई ने निरीक्षण के पहले दिन टिहरी बांध का दौरा किया और सघन निरीक्षण किया। एलपी जोशी, कार्यपालक निदेशक (टिहरी परिसर) ने आरके विश्नोई और वरिष्ठ अधिकारियों को विभिन्न निर्माण गतिविधियों की जानकारी दी।आरके विश्नोई एवं गुप्ता ने टिहरी पीएसपी के महत्वपूर्ण क्षेत्रों जैसे बटरफ्लाई वाल्व, पीएससी (पेन स्टॉक असेंबली चैम्बर), ईए-7 और टीआरटी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद आरके विश्नोई ने अधिकारियों और हितधारकों के प्रयासों की सराहना की और उन्हें निर्धारित समयसीमा के भीतर अपेक्षित परिणाम प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया।
निर्माण स्थलों के निरीक्षण के बाद, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, आरके विश्नोई द्वारा समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें निर्माण कार्यों के सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके अलावा, समीक्षा बैठक के दौरान आरके विश्नोई ने उच्च गुणवत्ता मानकों को बनाए रखने और परियोजना को समय पर पूरा करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि टिहरी पीएसपी 2030 तक राष्ट्र के 500 गीगावाट गैर- जीवाश्म ईंधन क्षमता के लक्ष्य के अनुरूप, शून्य कार्बन उत्सर्जन के साथ 24x7 सस्ती बिजली आपूर्ति करने के लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान देगा। यह परियोजना टीएचडीसी की स्थायी ऊर्जा समाधान और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण है। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के निदेशक (तकनीकी), भूपेन्द्र गुप्ता ने परियोजना गतिविधियों को समय पर पूरा करने का आश्वासन देते हुए उत्कृष्टता और पर्यावरण प्रबंधन के प्रति टीएचडीसीआईएल के समर्पण को रेखांकित किया।
टीएचडीसीआईएल, एक प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम, जल, सौर, पवन और थर्मल ऊर्जा स्रोतों का दोहन करने में विशेषज्ञता रखता है, जिसकी संस्थापित क्षमता 1587 मेगावाट है, जिसमें टिहरी बांध व एचपीपी (1000 मेगावाट), कोटेश्वर एचईपी (400 मेगावाट), गुजरात में पवन ऊर्जा परियोजनाएं, लघु जल विद्युत परियोजनाएं और केरल में एक सौर ऊर्जा परियोजना शामिल हैं। इसके अलावा, टीएचडीसीआईएल मध्य प्रदेश में कोयला खदानों का संचालन भी कर रहा है।
इस बैठक में श्री संदीप सिंघल, कार्यपालक निदेशक (तकनीकी), आरआर सेमवाल (मुख्य महाप्रबंधक - ईएमडी), श्री वीरेंद्र सिंह, मुख्य महाप्रबंधक (ओएमएस), एके घिल्डियाल (मुख्य महाप्रबंधक - प्लानिंग और एमपीएस), एआर गैरोला (महाप्रबंधक- पीएसपी), एमके सिंह (महाप्रबंधक - मैकेनिकल), डॉ. एएन त्रिपाठी (महाप्रबंधक - मा.सं. एवं प्रशा.) और नीरज अग्रवाल (अपर महाप्रबंधक - सिवल डिजाइन) और टीएचडीसीआईएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
निर्माण स्थलों के निरीक्षण के बाद, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, आरके विश्नोई द्वारा समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें निर्माण कार्यों के सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके अलावा, समीक्षा बैठक के दौरान आरके विश्नोई ने उच्च गुणवत्ता मानकों को बनाए रखने और परियोजना को समय पर पूरा करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि टिहरी पीएसपी 2030 तक राष्ट्र के 500 गीगावाट गैर- जीवाश्म ईंधन क्षमता के लक्ष्य के अनुरूप, शून्य कार्बन उत्सर्जन के साथ 24x7 सस्ती बिजली आपूर्ति करने के लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान देगा। यह परियोजना टीएचडीसी की स्थायी ऊर्जा समाधान और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण है। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के निदेशक (तकनीकी), भूपेन्द्र गुप्ता ने परियोजना गतिविधियों को समय पर पूरा करने का आश्वासन देते हुए उत्कृष्टता और पर्यावरण प्रबंधन के प्रति टीएचडीसीआईएल के समर्पण को रेखांकित किया।
इस बैठक में श्री संदीप सिंघल, कार्यपालक निदेशक (तकनीकी), आरआर सेमवाल (मुख्य महाप्रबंधक - ईएमडी), श्री वीरेंद्र सिंह, मुख्य महाप्रबंधक (ओएमएस), एके घिल्डियाल (मुख्य महाप्रबंधक - प्लानिंग और एमपीएस), एआर गैरोला (महाप्रबंधक- पीएसपी), एमके सिंह (महाप्रबंधक - मैकेनिकल), डॉ. एएन त्रिपाठी (महाप्रबंधक - मा.सं. एवं प्रशा.) और नीरज अग्रवाल (अपर महाप्रबंधक - सिवल डिजाइन) और टीएचडीसीआईएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
केदारनाथ, 22 मई 2024: एक तरफ चारधाम यात्रा जोरों पर चल रही है वहीं केदारनाथ वन प्रभाग के रुद्रनाथ आस्था पथ पर वर्षों से अस्थाई रोजगार कर रहे स्थानीय युवाओं की दुकानों और टेंटों को उजाड़ने का काम वन विभाग कर रहा है।
आपको बता दें कि वन विभाग की एकतरफा कार्यवाही से स्थानीय युवाओं में आक्रोश व्याप्त है। वर्षों से इस आस्था पथ पर स्थानीय लोग दो चार महीने का रोजगार करते आ रहे हैं जिससे कि यात्रियों को भी इस दुर्गम चढ़ाई वाले ट्रेक पर चाय पानी और थकान मिटाने के अस्थाई आशियाने मिल जाते हैं। लेकिन अब वन विभाग जबरन इन युवाओं के रोजगार को छीनने का काम कर रहा है।
ऐसे में पत्रकार नवल खाली ने मुख्य वन संरक्षक वन्य जीव समीर सिन्हा से मुलाकात की और शीघ्र स्थानीय युवाओं के समाधान की बात कही। जिस पर समीर सिन्हा ने कहा कि जल्दी ही इसका समाधान निकाला जा रहा है। नवल खाली ने कहा कि स्थानीय युवाओं के हकों से खिलवाड़ नही करने दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि ये माटी और थाती हमारे पूर्वजों की है और हमारे युवाओं के रोजगार को छीनने का प्रयास करने वालों के खिलाफ लगातार आवाज उठाई जाएगी।
श्यामपुर, 22 मई 2024: प्रभागीय वनाधिकारी देहरादून नीरज कुमार शर्मा के निर्देश पर वन क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश गम्भीर सिंह धमान्दा ने जिला गंगासुरक्षा समिति के नामित सदस्य पर्यावरण विद् विनोद जुगलान के साथ वन्यजीव प्रभावित खड़क माफ क्षेत्र का निरीक्षण किया।
जिला गंगा सुरक्षा समिति के नामित सदस्य विनोद जुगलान ने समिति की बीते माह हुई मासिक बैठक में खड़क माफ क्षेत्र में वन विभाग से सम्बंधित समस्याओं के सन्दर्भ में प्रभागीय वनाधिकारी को बताया था कि गंगा एवं सौंग नदी के संगम के समीप बाढ़ नियंत्रण की कार्यदायी संस्था सिंचाई विभाग द्वारा खेत सुरक्षा को सुरक्षा तटबन्ध का निर्माण कराया है साथ ही वनविभाग की ओर से भी वन्यजीवों से फसल सुरक्षा की सौर ऊर्जा बाड़ स्थापित की गई है। इसके बावजूद यहाँ लगभग 40 से 50 मीटर क्षेत्र सुरक्षा बाड़ से छूट गया है। परिणामस्वरूप यहाँ से वन्यजीव खेतों में प्रवेश कर फसल को क्षति पहुंचा रहे हैं। उक्त क्षेत्र पर सुरक्षा दीवार का निर्माण करा देने से किसानों की समस्या का हल हो सकेगा।
उक्त संदर्भ में प्रश्नगत समस्या के निस्तारण को डीएफओ देहरादून ने वन क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश को समिति सदस्य के साथ भौतिक निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा है।समिति सदस्य विनोद जुगलान ने बताया कि इससे पूर्व लक्कड़ घाट के समीप प्रस्तावित साढ़े पाँच एमएलडी एसटीपी सहित वन विभाग के प्लांटेशन को बाढ़ से सुरक्षा को भी तटबन्ध निर्माण स्थल का भौतिक सर्वे किया गया।यहां लगभग साढ़े तीन सौ मीटर लंबा सुरक्षा तटबन्ध बनाना होगा ताकि बर्षात में गंगा जी की बाढ़ के पानी से नमामि गंगे योजना के तहत सरकारी परियोजना प्रभावित न हो सकें।
इस मौके पर वन क्षेत्राधिकारी जीएस धमान्दा, उपराजिक अधिकारी चन्द्र शेखर भट्ट, वनबीट अधिकारी ईश्वर सिंह, वनकर्मी मनोज कुमार भोला, पीआरडी सोहन सिंह आदि उपस्थित रहे।
देहरादून, 22 मई 2024: उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र (यूसर्क) देहरादून द्वारा दिनांक 22 मई 2024 को अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन बोटेनिकल सर्वे ऑफ इंडिया (BSI, भारत सरकार) में किया गया।
कार्यक्रम में यूसर्क की निदेशक प्रो (डॉ) अनीता रावत ने अपने संबोधन में कहा कि हमारी संस्कृति का प्रकृति के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान है। विद्यार्थियों को प्रकृति के संरक्षण हेतु संस्कार विकसित करने तथा प्रौद्योगिकी के माध्यम से राज्य में जैवविधिता के संरक्षण एवं संर्वधन किये जाने की आवश्यकता है। हम सभी को एक्शन बेस्ड बायोडायवर्सिटी कंजर्वेशन की आवश्कता है। सतत विकास की अवधारणा को फलीभूत करने के लिए एक्शन ओरिएंटेड होना पड़ेगा और मनुष्य को प्रकृति के साथ समन्वय बनाना होगा, जिसके लिये सामूहिक साझेदारी अत्यन्त आवश्यक है।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता बोटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया के विभागाध्यक्ष डॉ एसके सिंह ने अपने मुख्य व्याख्यान में विद्यार्थियों में प्रकृति के संरक्षण हेतु समस्त प्रतिभागियों से छोटे-छोटे प्रयासों के द्वारा अपना योगदान देने का आहवान किया व जैव विविधता के संरक्षण में सामूहिक भागीदारी को अत्यंत आवश्यक बताया।
यूसर्क की वैज्ञानिक डॉ मन्जू सुन्दरियाल द्वारा कार्यक्रम का संचालन करते हुये जैवविविधता को भविष्य की पीढ़ी हेतु संरक्षित रखने में विद्यार्थियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। यूसर्क के वैज्ञानिक डॉ राजेन्द्र सिंह राणा द्वारा वृक्षों के महत्व को बताते हुये अधिक से अधिक वृक्षारोपण एवं इसके संरक्षण का सुझाव दिया गया।
कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों यथा- फूलचंद नारीशिल्प मंदिर कन्या इंटर कालेज, राइका होरावाला, राइका भीमावाला, घनानंद इ का मसूरी, संजय पब्लिक इंटर कालेज के विद्यार्थियों को भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण संसथान एवं भारतीय प्राणी सर्वेक्षण संस्थान में हर्बल गार्डन, हर्बेरियम प्रयोगशाला एवं म्यूजियम में परिचयात्मक भ्रमण करवाया गया तथा जैव विविधता के संरक्षण हेतु कार्य करने की प्रतिज्ञा ली गई।
भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण संस्थान की वैज्ञानिक डॉ आरती गर्ग द्वारा धन्यवाद ज्ञापन दिया गया।
नेपालीफार्म, 22 मई 2024: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश की ओर से कैलाशवती वर्मा (KWV) पब्लिक स्कूल खैरी खुर्द में ग्रामप्रधान खैरी कला चंद्रमोहन पोखरियाल के सहयोग से स्वस्थ्य शिवर का आयोजन किया गया।
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