आखिर कब जागेगी नेशनल हाईवे के अधिकरियो की अंतरात्मा
श्यामपुर क्षेत्र में दून इंस्टीट्यूट के सामने माइनिंग चेक पोस्ट के पास भारी भरकम खनन डम्परों के रोजाना खड़े होने के कारण नेशनल हाइवे और फुटपाथ पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं । इन भारी डम्परों के कारण हाईवे का यातायात लगातार बाधित हो रहा है , यात्रा सीजन में में स्थिति और ज्यादा दुश्वार हो जाती है, इन भारी डम्परों के कारण हाइवे का यातायात लगातार बाधित हो रहा है, छतिग्रस्त फुटपाथ की वजह से स्थानीय निवासियों को पैदल चलने में भारी परेशानी हो रही है और पिछले कुछ दुर्घटनाओं में वृद्धि लगातर बढ़ती दिखाई दे रही है । एक खनन कम्पनी ने पार्किंग स्थल के ठीक सामने अपना साईट ऑफिस खोल रखा है, अब स्थिति यह है कि डम्पर चालक क्षतिग्रस्त हिस्से से थोड़ा और आगे जाकर लदे हुए डम्पर खड़े करने लगे है, जिस कारण प्रभावित क्षेत्र और बढ़ता जा रहा है, जनता के दवाब में अक्टूबर 2025 की रात को हाईवे पर पैचवर्क का कार्य शुरू तो किया गया था लेकिन एन. एच विभाग महज 300 मीटर तक कार्य करके उसे अधूरा छोड़ कर चलता बना । और उस दिन से अब तक गढ़ी मोड़ के पास एन. एच विभाग ने इस पर अपनी आँखे मूंद ली है । पूर्व में इस अधूरे कार्य पर एनएच खंड डोईवाला के जूनियर इंजीनियर (JE) बृजेश राणा यह बताया गया था कि "रात में रोशनी कम होने के कारण कहीं -कहीं गड्ढे छूट गए है, जिन्हे दुरस्त शीघ्र दुरस्त कर दिया जायेगा " इस तरह का बयान विभाग की कार्य प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है आखिर इतने महत्त्वपूर्ण हाईवे का मरम्मत कार्य बिना पर्याप्त रोशनी के बिना पर्यवेक्षण, बिना किसी योजना के किया जा रहा था ? यह समस्या अगस्त 2025 से लगातार ऑनलाइन और प्रिंट मीडिया (सपस्ट एक्सप्रेस) के माध्यम से उठाई जा रही है। खबरों के प्रकाशन के बाद इसकी प्रतियां डाक के माध्यम से सीधे जिला अधिकारी, स्थानीय विधायक, जिला सूचना कार्यलय एवं सूचना निदेशालय तक पहुंचाई गई। इसके बावजूद, अगस्त से लेकर अक्टूबर और उसके बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है। यंहा पर नेशनल हाईवे बद से बदत्तर होती जा रही है, इस मामले में हाईवे की देखरख के लिए जिम्मेदार एनएच विभाग और यातायात नियंत्रित करने के लिए जिम्मेदार पुलिस प्रशासन की लगातर अनदेखी व लापरवाही यात्रियों व आम जनमानस के लिए नासूर बनती जा रही है ।
निष्कर्ष यह है कि जनता की सुरक्षा और करोड़ो की लागत से बने सार्वजनिक बुनियादी ढांचे कैसे प्रशासनिक लापरवाही का दंश झेलने को मजबूर हैं, जब तक इस प्रकरण में सबन्धित विभाग के उच्च आधिकारी द्वारा संज्ञान नहीं लिया जाता तब तक लापरवाह सिस्टम किसी बड़े हादसे का इंतजार करता रहेगा ।



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