Header Ads Widget

Spasht Express 13 Dec 2024

खबर 1 

सात दिन से गड्ढा खोदकर कनेक्शन देना भुला पेयजल निगम 
स्पष्ट एक्सप्रेस।
खैरी खुर्द, 12 दिसंबर 2024: ग्राम खैरी खुर्द में पेयजल निगम  पानी का कनेक्शन देने के लिए गड्ढा खोदकर बंद करना भूल गया है।
          ग्राम खैरी खुर्द की पानी का कनेक्शन देने के लिए निगम के कर्मचारियों ने गड्ढा खोदा था, लेकिन पेयजल निगम गड्ढा खोदकर कनेक्शन देना भूल गया है और ना ही चार फीट गहरे गड्ढे के इर्द गिर्द कोई संकेतक लगाया है। पेयजल निगम की लेटलतीफी के कारण अंधेरा होने पर कभी भी कोई अनहोनी घटना घटित होने का अंदेशा बना हुआ है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी गड्ढा बंद करने की सुध नहीं ले रहे हैं। स्थानीय निवासी चौधरी मालिक, सुधाकर थपलियाल, गोयल एंटरप्राइजेज के मालिक का कहना है की सात दिन पहले पेयजल निगम के कर्मचारियों ने पानी की लीकेज व कनेक्शन देने के लिए गड्ढा खोदा था, लेकिन सात दिन बाद अभी तक गड्ढा बंद नहीं किया गया है। उन्होंने मांग की है कि पेयजल निगम के कर्मचारी जल्द गड्ढे को भरें। वहीं पेयजल निगम के एई मनोज जोशी ने बताया कि समीप ही जिला पंचायत प्रतिनिधि द्वारा तोड़ी गई लाइन के कार्य में ठेकेदार 6 दिन से व्यस्त है  शुक्रवार को कनेक्शन सही कर गड्ढे को बंद करने का आश्वासन दिया है।
______________________________________________
खबर2

श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय: जल्द ई-ऑफिस सिस्टम से जुड़ेगा विश्वविद्यालय, सब काम होंगे पेपरलेस, एक क्लिक में मिलेगी जानकारी
स्पष्ट एक्सप्रेस।
ऋषिकेश, 12 दिसंबर 2024: श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर ऋषिकेश मैं एक दिवसीय ई- ऑफिस प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता परिसर के निदेशक प्रो महावीर सिंह रावत द्वारा की गई। कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए अपने संबोधन ने कहा आधुनिक समय की मांग को देखते हुए तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग बेहद जरूरी हो चुका है। ऐसे में श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय भी इससे अछूता नहीं है।  समय की मांग को देखते हुए श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय एवं परिसर भी जल्द ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने जा रहा है. इसके लिए विश्वविद्यालय द्वारा तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।  श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के सभी अनुभागों को ई-ऑफिस से जोड़ा जाएगा। ई-ऑफिस से जहां समय की बचत होगी वहीं ऑफिस के कामों में पारदर्शिता भी आएगी। विषय विशेषज्ञ के रूप मेंउपस्थित सहायक कुल सचिव विजय रणवीर सिंह ने प्रशिक्षण देते हुए कहा ई-ऑफिस शुरू होने के बाद कागजी रिकॉर्ड रखने की समस्या खत्म हो जाएगी और कागज की बचत भी होगी। इसके साथ ही डाटा सुरक्षित रखने में आसानी होगी। ई-ऑफिस सिस्टम लागू होने से हर फाइल ट्रेस करना आसान है। संबंधित विभाग के अधिकारी या कर्मचारी किसी भी फाइल की लोकेशन आसानी से ट्रेस कर सकेंगे। ई-ऑफिस प्रणाली ऑफिस के कामकाजों को सरलीकृत, प्रभावी, जवाबदेह बनाकर पारदर्शी कार्यप्रणाली प्राप्त करने का अच्छा माध्यम है। ई-ऑफिस के काम करने की स्पीड और दक्षता न केवल विभागों को सूचित और त्वरित निर्णय लेने में सहायता करती है, बल्कि विभागों के कामकाजों को पेपरलेस भी बनाती है। ई-ऑफिस से कई फायदे हैं। तकनीक के इस दौर में ई-ऑफिस प्रणाली लागू होने के बाद किसी भी इमरजेंसी में कर्मचारियों को एक से दूसरे ऑफिस में फाइल लेकर दौड़ना नहीं पड़ेगा। साथ ही एक क्लिक पर फाइल देखी जा सकेगी। इतना ही नहीं अधिकारी दुनिया के किसी भी कोने में बैठकर एक क्लिक के माध्यम से फाइल देख, ऑपरेट कर सकेंगे। जल्दी ही ये प्रक्रिया लागू होगी। कार्यशाला में पीपीटी एवं ऑनलाइन के माध्यम से प्रशिक्षण दिया।
          इस अवसर परविज्ञान संकाय अध्यक्ष प्रो गुलशन कुमार ढींगरा, प्रो संगीता मिश्रा, डॉ अशोक कुमार मैन्दोला, प्रो हेमलता मिश्रा, प्रो स्मिता, डॉ गौरव वासने, डॉ अटल बिहारी त्रिपाठी, शकुंतला शर्मा, मंजू चौहान, जोत सिंह बिष्ट, सुरेंद्र नौटियाल आदि कर्मचारी उपस्थित रहे।
______________________________________________
खबर3

पुलिस ने चोरी करने वाले एक नाबालिक सहित दो चोरों को किया गिरफ्तार, चोरी का सामान किया बरामद

______________________________________________
खबर4



Post a Comment

0 Comments