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Spasht Express 10 Nov 2024


स्पष्ट एक्सप्रेस।
आईडीपीएल, 09 नवम्बर 2024: पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज आईडीपीएल वीरभद्र ऋषिकेश देहरादून की इकाई राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ के स्वयं सेवियों द्वारा राज्य स्थापना दिवस पर नगर निगम ऋषिकेश के साथ मिलकर बृहत स्वच्छता अभियान चलाया गया जिसमें लगभग तीन कुंतल सुखा कचरा एकत्र कर नगर निगम को सौंपा गया ।
       राष्ट्रीय सेवा योजना के एक दिवसीय नियमित शिविर के अंतर्गत स्वयं सेवियों द्वारा स्वच्छता जन जागरूकता रैली निकाली गई तथा नगर निगम ऋषिकेश के स्वच्छता प्रहरियों के साथ मिलकर  आईडीपीएल वीरभद्र के सीटी गेट से कैनाल गेट निकट हनुमान मंदिर बाबा नीम करोली तक स्वच्छता अभियान चलाया गया।
         इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य राजीव लोचन सिंह, नरेंद्र सिंह रावत कार्यक्रम अधिकारी राष्ट्रीय सेवा योजना, मनोज कुमार गुप्ता आचार्य मनुश्री नगर समन्वयक (सेवक) राष्ट्रीय सेवा योजना, ललित मोहन जोशी, पंकज सती, सुशील सैनी, श्रीमती सुनीता पवार, मेजर सुशील रावत,श्रीमती रेखा पवार, मोहम्मद मुदस्सिर, हवलदार राकेश खैरवाल, आकाश कुमार , आर्यन, नंदिनी बड़थ्वाल, भावना, विजय ,  शुभम आदि उपस्थित रहे।

कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने उत्तराखण्ड राज्य स्थापना दिवस पर शहीदों को पुष्प अर्पित कर नमन किया

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ऋषिकेश , 09 नवम्बर 2024: उत्तराखण्ड राज्य स्थापना दिवस के मौके पर कांग्रेसियों ने इंद्रमणि बडोनी हाल स्मारक में शहीदों के चित्र पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित कर नमन किया।           इस अवसर पर महानगर कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट राकेश सिंह ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य स्थापना दिवस के मौके पर राज्य के शहीदों को याद करते हुए उन्हें माला व पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी एवं नगर वासियों, प्रदेशवासियों को इस शुभ अवसर पर राज्य स्थापना दिवस की बधाई दी। आज राज्य स्थापना दिवस पर कांग्रेसियों ने शहीद स्मारक पर जाकर अमर शहीदों को स्मरण करते हुए उत्तराखंड के शहीद अमर रहे के नारों लगाए, इसके पश्चात राकेश ने अपनी बात रखी।            इस मौके पर बैशाख पयाल, ललित मोहन मिश्र, चंदन पंवार, रकम पोखरियाल, ऋषि सिंघल, राजेंद्र कोठारी, हरी सिंह नेगी, अशोक शर्मा, विनोद रतूड़ी, संजय भारद्वाज, करम चन्द मनीष मौजूद थे। 

राम-कृष्ण, रामायण व गीता हमारी सनातनी आंखें हैं : मुरारी बापू

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मुनिकीरेती, नवंबर 2024:आज के समय में विश्व में लोक मंगल हेतु सनातनी रुपी गौ आंखों की आवश्यकता है। सनातनी आंखें दूरदृष्टी के साथ आर-पार देखने वाली स्पष्ट आंखें होती है।
          राम कथा यज्ञ की अलख जला रहे विश्व प्रिय राम कथा वाचक मुरारी बापू ने कथा के तीसरे दिन कहा कि राम- कृष्ण हमारी सनातनी आंखें हैं। उन्होंने सभी से आग्रह करते हुए कहा कि रामायण और गीता दोनों सनातन की आंखें हैं। बापू ने दादा गुरु त्रिभुवन दादा और छठे कैलाश पीठाधीश्वर विष्णु देवानंद गिरी रुपी श्रुति एवं स्मृति आंखों के प्रकाश से श्रद्धालुओं को सनातन आंखों का दर्शन कराया। उन्होंने कहा सनातन धर्म के अनुसरण करने वालों को अपने घरों में रामायण और गीता जरुर रखने के साथ अवलोकन करना चाहिए। सनातनी आंखों की चर्चा करते हुए बापू ने कहा कि सनातन आंखें वह होती है जो सजल होती है जिससे सत्य, प्रेम, करुणा का अविरल प्रकाश प्रकाशित होता रहे। बापू ने चरण पादुका की महिमा बताते हुए कहा कि चरण पादुका भी सनातन आंखें हैं।
          मानस ब्रह्म विचार राम कथा में मोरारी बापू ने कुंभ की उपयोगिता की चर्चा करते हुए बताया कि कुंभ के आयोजन अवसरों पर लोक कल्याण के लिए ब्रम्ह विचार के अंतर्गत धर्म निरुपण, धर्म विधि, तत्व विभाग, भक्ति, ज्ञान और वैराग पर धर्माचार्यो, विद्वानों, साधू-संतो आदि द्वारा चर्चा की जाती थी। कथा में उन्होंने कल के हनुमान के प्रसंग जिसमें हनुमान द्वारा सूर्य को मुख में लेने वाली कथा में छिपे रहस्य को उजागर करते हुए कहा कि हमें सूर्य रुपी गुरु की बातों को निगल कर पाचन कर लेना चाहिए। बापू ने कथा में दृष्टांत देते हुए कहा कि जब राम जनकपुर में गुरु वंदना के लिए पुष्प लेने पुष्प वाटिका पहुंचे तो माली ने उनसे पूछा आपके यहां आने का प्रयोजन क्या है तो भगवान राम ने कहा कि हम यहां पुष्प के लिए आए हैं। माली उत्तर सुनकर मुस्कुराया और कहा जो स्वयं में पुष्प वाटिका हो उसे इस उपवन में आने की क्या जरूरत।बापू ने कथा में श्रोताओं से चर्चा करते हुए कहा राम दर्शन में राम की तीन शारीरिक अंगों को विशाल बताया है। प्रथम उनके राजीव लोचन दूसरा विशाल ह्रदय और तीसरा उनके विराट बाहु जो हर जीव को अपने ह्रदय से स्पर्श करते हैं जो सनातनी आंखों के दर्शन कराती है।

उत्तराखण्ड राज्य स्थापना दिवस पर कांग्रेसियों ने राज्य के शहीदों को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी
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टिहरी गढ़वाल, 09 नवम्बर 2024: उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस पर आज जिला कांग्रेस कमेटी टिहरी गढ़वाल के जिलाध्यक्ष राकेश राणा, राज्य आंदोलनकारी मंच के अध्यक्ष ज्योति प्रसाद भट्ट, शहर अध्यक्ष कुलदीप पंवार, पूर्व प्रमुख विजय गुनसोला, प्रदेश प्रवक्ता शान्ति प्रसाद भट्ट, सदस्य पीसीसी मुरारीलाल खंडवाल, पीसीसी सदस्य देवेंद्र नौडियाल पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष गंगा भगत नेगी आदि कांग्रेसियों ने शहीद स्मारक पर जाकर अमर शहीदों को स्मरण करते हुए उनके स्मारक पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी व उत्तराखंड के शहीद अमर रहे के नारों लगाए। इसके पश्चात कांग्रेस कार्यालय में शहीदों के चित्रों पर पुष्पांजलि की और एक गोष्ठी का आयोजन किया। गोष्ठी में मूल निवास, भू-कानून, रिक्त पदों को भरने सहित अनेक मुद्दों पर चर्चा की गई।


रायवाला में एक दिवसीय स्त्री रोग चिकित्सा शिविर का आयोजित
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रायवाला, 09 नवम्बर 2024: श्रीराम शर्मा आचार्य शताब्दी हॉस्पिटल शांति कुंज  व श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल रायवाला के संयुक्त तत्वधान  में एक दिवसीय स्त्री रोग चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। जिसका उद्घाटन गायत्री परिवार के प्रबन्धक योगेन्द्र गिरी व सत्य साईं संजीवनी हॉस्पिटल की मुख्य चिकित्सक डॉ प्रणति दास ने संयुक्त रूप से किया। जिसमें 172  महिलाओं ने निःशुल्क चिकित्सा शिविर का लाभ लिया।
          शनिवार को स्थित सत्य साईं संजीवनी अस्पताल रायवाला व श्रीराम शर्मा आचार्य शताब्दी हॉस्पिटल शान्ति  कुन्ज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय प्रसूती व स्त्री रोग चिकित्सा शिविर का शुभारम्भ गायत्री परिवार के प्रबन्धक योगेन्द्र गिरी व सत्य साईं संजीवनी हॉस्पिटल की मुख्य चिकित्सक डॉ प्रणति दास द्वारा उपस्थित गणमान्य अतिथियों की मौजूदगी में किया गया। शिविर में उपचार को आए 172 मरीजों की चिकित्सीय जाँच कर उन्हें निःशुल्क औषधि प्रदान की गयी। 
          सत्य साईं संजीवनी हॉस्पिटल की मुख्य चिकित्सक डॉ प्रणति दास ने बताया कि शिविर  में आए मरीजों की जाँच के बाद निःशुल्क ईलाज के लिए उन्हें हॉस्पिटल बुलाया गया है।
इस दौरान गायत्री परिवार शान्ति कुन्ज के प्रबन्धक योगेन्द्र गिरि,  
          डॉ मंजु चोपदार, गोपाल रजक, डॉ उमाकांत इंदौलिया सहित सत्य साईं संजीवनी अस्पताल की मुख्य चिकित्सक डॉ प्रणति दास, डॉ ऋतु नेगी, उषा रतूड़ी, चित्रवीर क्षेत्री, पुन्नामा पीटी, विनय भट्ट, पूजा देवरानी, मीना आदि ने शिविर में सहयोग किया।

श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय परिसर ऋषिकेश में राज्य स्थापना दिवस पर  चलाया स्वच्छता अभियान
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ऋषिकेश , 09 नवम्बर 2024: पंडित ललित मोहन शर्मा श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय परिसर ऋषिकेश मैं राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई एवं नमामि गंगे प्रकोष्ठ  के संयुक्त तत्वाधान में राज्य स्थापना दिवस  दिवस के अवसर पर स्वच्छता अभियान चलाया स्वयंसेवी द्वारा विज्ञान संकाय, प्रशासनिक भवन, मुख्य भवन गेट के आसपास, खेल प्रांगण, वाणिज्य संकाय एवं कला संकाय के प्रांगण में श्रमदान, प्रांगण की सफाई,झाड़ियों की कटाई,पॉलिथीन,प्लास्टिक की बोतल, गिलास,  कूड़ा करकट, एकत्र किया I साथ ही लाइब्रेरी,कंप्यूटर कक्ष की सफाई की गई।
           इस अवसर पर परिसर के निदेशक प्रो महावीर सिंह रावत द्वारा राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर चलाए जा रहे स्वच्छता कार्यक्रम में स्वयंसेवियों को संबोधित करते हुए कहा हम सभी उत्तराखण्ड के स्थापना दिवस की 24वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। राज्य को प्राप्त करने के लिए यहाँ के निवासियों को वर्षों तक आंदोलन करना पड़ा। अनेकों लोगों ने सपनो के इस राज्य को पाने के लिए अपने प्राणों की शहादत दी। तब जाकर मिला उत्तराखंड वासियों को उनका सपनो का राज्य। राज्य आज अपनी स्थापना के 25वें साल यानी रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर इस यात्रा में हमारे राज्य ने अनेक उतार-चढ़ाव देखे, अनगिनत सपनों को साकार होते देखा, और आज हम गर्व के साथ कह सकते हैं कि हमारा उत्तराखण्ड विकास  ओर अग्रसर है।वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अशोक कुमार  मैन्दोला द्वारा स्वयंसेवियों को संबोधित करते हुए कहां हम उत्तराखण्ड के इस 25वें वर्ष को विकास की एक नई उड़ान का वर्ष मानकर एक सकारात्मक और समृद्ध भविष्य की ओर बढ़ेंगे। हमें अपने राज्य के हर नागरिक को विकास की इस यात्रा में सहभागी बनाना है, ताकि उत्तराखण्ड को ‘‘सर्वश्रेष्ठ राज्य’’ बनाने का लक्ष्य पूरा हो सके। और इसे ‘‘स्वर्णिम उत्तराखण्ड’’ बनाने का संकल्प लें।औरअपने जीवन में  स्वच्छता को अपनाएं इस दिशा में युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
          आज पर्यावरण मैं प्रदूषण का मुख्य तथा प्लास्टिक है जनता को जागरूक करने के लिए हमें शुरुआत पहले अपने घर से गली से मोहल्ले से अपने कार्यालय से अपने गांव से करनी चाहिए,कार्यक्रम अधिकारी डॉ पारुल मिश्रा कहा कि उत्तराखण्ड के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य में महिलाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। हमारे राज्य के समग्र विकास के लिए महिलाओं का सशक्तीकरण आवश्यक है। महिलाओं की भागीदारी को मुख्यधारा से जोड़कर ही हम महिलाओं के साथ-साथ सर्व समाज की उन्नति का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं।प्रो संगीता मिश्राकहा कि हिमालय का यह अंश विश्व की अमूल्य धरोहर है और इसे संरक्षित करना हमारी जिम्मेदारी है। हमें जलवायु परिवर्तन के खतरे को देखते हुए हमें पर्यावरण सम्बंधित मुद्दों पर ध्यान देना होगा। वनों की रक्षा, जल-संरक्षण योजनाओं का क्रियान्वयन, और पर्यटन को पर्यावरणीय संतुलन के साथ जोड़ना अति आवश्यक है।है।इस अवसर पर डीएसडब्ल्यू प्रो पी के सिंह राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवी उपस्थित रहे।

राज्य स्थापना दिवस पर उत्तराखंड की आत्मनिर्भरता की ओर एक कदम : प्रो० तलवाड़
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देहरादून, 09 नवम्बर 2024: उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों की अपार प्राकृतिक संपदा, सांस्कृतिक धरोहर, और कला की अनमोल धरोहरें वर्षों से हमारे राज्य का गौरव रही हैं। जब हम राज्य स्थापना दिवस पर पीछे मुड़कर देखते हैं, तो हमें उन सपनों की याद आती है, जिनकी पूर्ति के लिए उत्तराखंड का गठन हुआ था। राज्य का उद्देश्य न केवल विकास की राह पर अग्रसर होना था, बल्कि उन सामाजिक-आर्थिक मुद्दों को भी हल करना था जो पलायन, बेरोजगारी, और आर्थिक असमानता की वजह बने।
          साईं सृजन पटल के संस्थापक प्रो०(डॉ) के० एल० तलवाड़ कहते है कि आज, राज्य के सामने जो सबसे बड़ी चुनौती है, वह है पलायन। रोजगार और आर्थिक स्थिरता की कमी के चलते युवा अपने गाँव-घरों को छोड़ महानगरों की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे में साईं सृजन पटल और इसके न्यूज लेटर के माध्यम से हमारा उद्देश्य यही है कि उत्तराखंड के उद्यमियों, रचनाकारों, कुटीर एवं लघु उद्योगों को न केवल प्रोत्साहन मिले, बल्कि उन्हें एक ऐसा मंच भी मिले जहाँ उनकी रचनात्मकता और काबिलियत का सही सम्मान हो।
          डॉ तलवाड़ कहते है कि उत्तराखंड की कुटीर और लघु उद्योगों की परंपरा, हस्तशिल्प और हर्बल उत्पादों में विशिष्टता का प्रतीक हैं। यदि इन्हें प्रोत्साहन मिले तो न केवल ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा मिलेगी। साथ ही, इन उद्योगों में महिलाओं की भागीदारी से सामाजिक सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त होता है, जो हमारे राज्य के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सरकार और समाज को एक साथ आकर उत्तराखंड के उत्पादों को बाजार में विशेष पहचान दिलाने के लिए ठोस प्रयास करने होंगे। राज्य के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक पहचान दिलाना, ताकि लोगों को यहाँ से बाहर जाने की आवश्यकता ही न पड़े। इस दिशा में आत्मनिर्भर उत्तराखंड का सपना तभी साकार होगा जब हमारे गाँवों से पलायन रुक सकेगा और लोग अपने गाँवों में ही एक बेहतर भविष्य देख सकेंगे।
          आज, राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर हम सभी को यह संकल्प लेना होगा कि हम अपने राज्य की सांस्कृतिक और आर्थिक धरोहर को संजोएँगे, और इसके विकास में अपना योगदान देंगे। साईं सृजन पटल इसी उद्देश्य को लेकर आगे बढ़ रहा है, ताकि उत्तराखंड के प्रत्येक व्यक्ति के लिए रोजगार और विकास के अवसर उसके अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध हो सकें।

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