खैरी खुर्द, 23 मई 2024: बीते रोज खैरी खुर्द की जागरुक व्यक्ति हरीश बमोला के द्वारा फोटो भेज कर सूचित किया गया कि खैरी खुर्द लेन नंबर 11 से लेकर लेन 16 तक जगह जगह नहरें- गूलें बनी हुई हैं, जो कूड़े, मलबे और झाड़ियों से अटी पड़ी हैं। जिस कारण बरसाती पानी इन नहरों से नहीं निकल पाता और ज्यादा बारिश होने पर घरों में घुसने लगता है।
ग्राम खैरी खुर्द में जगह-जगह बनी लघु सिंचाई की गूलों, नालों, नहरों की सफाई ना होने के कारण क्षेत्र बरसात के दिनों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो जाती है।
जिस पर ऑनलाइन खबर का सिंचाई विभाग के एसडीओ अनुभव नौटियाल ने संज्ञान लेते हुए विभाग के अधिकारी को मौके का मुआयना करने को निर्देशित किया।
गुरुवार को सिंचाई विभाग के जेई दिनेश चौहान व अनुभवी मेट श्रीनंद भट्ट द्वारा बताया गया कि उक्त नहरों, नालों का सिंचाई विभाग के हैंड ओवर नहीं हैं। शुक्रवार को सिंचाई विभाग के जेई दिनेश चौहान, खैरी खुर्द उप प्रधान रोहित नेगी, सिंचाई विभाग के मेट श्रीनंद भट्ट व खैरी खुर्द की जागरुक निवासी हरीश बमोला द्वारा मौके पर स्थिति का जायजा लेने की बात कही है।
ऋषिकेश, 22 मई 2024: एम्स ऋषिकेश में एक महिला चिकित्सक के साथ नर्सिंग अधिकारी द्वारा छेड़खानी और उत्तराखंड में अंकिता भंडारी की हत्या की घटना ने एक बार फिर कार्यस्थल पर महिला सुरक्षा के मुद्दे को उजागर कर दिया है। यह घटनाएं न केवल महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा और उत्पीड़न का प्रतीक हैं, बल्कि यह भी दर्शाती हैं कि हमारे समाज में महिलाओं के प्रति मानसिकता कितनी भयावह है।
कार्यस्थल महिलाओं के लिए केवल आजीविका कमाने का स्थान नहीं है, बल्कि यह सम्मान और गरिमा के साथ योगदान करने का भी स्थान है। महिलाओं को पुरुषों के बराबर अवसर और सुरक्षा मिलनी चाहिए, ताकि वे अपनी पूर्ण क्षमता का उपयोग कर सकें।
लेकिन, वास्तविकता इससे काफी दूर है। महिलाओं को अक्सर भेदभाव, उत्पीड़न, यौन उत्पीड़न और हिंसा का सामना करना पड़ता है। एम्स ऋषिकेश की घटना इसका ताजा उदाहरण है। जहाँ एक महिला चिकित्सक को नर्सिंग अधिकारी द्वारा ऑपरेशन थिएटर में छेड़छाड़ का शिकार होना पड़ा। अंकिता भंडारी की हत्या की घटना भी इसी दर्दनाक सच को उजागर करती है। यह घटनाएं समाज और सरकार के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा करती हैं। क्या हम महिलाओं को कार्यस्थल पर सुरक्षित महसूस करा पा रहे हैं?
इसका जवाब नहीं है। हमें महिलाओं के खिलाफ हिंसा और उत्पीड़न को रोकने के लिए कठोर कदम उठाने होंगे। सरकार को कानूनों को मजबूत करना होगा और कार्यस्थलों पर महिलाओं के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े प्रावधान लाने होंगे। संस्थानों को यौन उत्पीड़न के खिलाफ कड़ाई से नीतियां लागू करनी होंगी और महिलाओं को जागरूक करना होगा। हमें सभी को मिलकर महिलाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यस्थल बनाने के लिए प्रयास करने होंगे। यह केवल महिलाओं का ही नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है।
आइए हम सब मिलकर एक ऐसा समाज बनाएं जहां महिलाएं निडर होकर अपने सपनों को पूरा कर सकें।
(इस लेख के लेखक अंकित तिवारी,
शोधार्थी, अधिवक्ता एवं
पूर्व विश्वविद्यालय प्रतिनिधि हैं।)
सहबनगर में अधूरी सड़क और पुश्ता कार्य से ग्रामीणों में आक्रोश
छिद्दरवाला, 22 मई 2024: छिद्दरवाला क्षेत्र के ग्राम पचायत साहबनगर में अधूरी सड़क और पुश्ता कार्य को लेकर स्थानीय जनता में भारी नाराजगी है। यह समस्या तब और गंभीर हो गई जब भाजपा नेता अम्बर गुरूंग ने खुलासा किया कि सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने के बावजूद लोक निर्माण अधिकारी ने कार्य को पूर्ण दिखाकर शिकायत को बिना शिकायतकर्ता का पक्ष जाने बंद कर दिया है।
अम्बर गुरूंग ने बताया कि इस समस्या की जानकारी कैबिनेट मंत्री और ब्लाक प्रमुख के पत्रों के माध्यम से भी दी गयी थी। लेकिन उन्हें भी नजर अंदाज कर दिया गया। इससे स्पष्ट होता है कि अधिकारियों की लापरवाही और असंवेदनशीलता से ग्रामीणोको भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
साहबनगर के अंतर्गत लोक विभाग द्वारा बनायी जा रही सड़कों पर काम अधूरा छोड़ दिया गया है। सड़क के किनारे बनाए जाने वाले पुश्ता कार्य भी अधूरे रह गये है| जिससे सड़क की हालत खस्ता बनी हुयी है। टूटी-फूटी सड़कें और अधूरे पुश्ते न सिर्फ यातायात को प्रभावित कर रहे हैं | बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी खतरनाक साबित हो रहे हैं।
अधूरे पुश्ते की वजह से बिजली के पोलों को भी खतरा उत्पन्न हो गया है, जिससे पूरे इलाके में बिजली आपूर्ति बाधित होने की संभावना बनी हुयी है। स्थानीय निवासियों ने कई बार इस मुद्दे को उठाया लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गयी है।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द अधूरे कार्यों को पूरा किया जाए ताकि उन्हें राहत मिल सके और क्षेत्र में सुरक्षित यातायात सुनिश्चित हो सके। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस मामले में कब तक कार्रवाई करता है और जनता को राहत मिलती है।
भारतीय वायुसेना में अग्निवीर बनने को शुरू हुआ आवेदन
सोशल मीडिया, 23 मई 2024: भारतीय वायुसेना (IAF) ने अग्निवीरवायु (संगीतकार) पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट agnipathvayu.cdac.in पर जाकर अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 22 मई से शुरू होगी और अंतिम तिथि 5 जून तय की गई है। इसके बाद किसी भी अभ्यर्थी का फॉर्म एक्सेप्ट नहीं किया जाएगा।
इन जिलों में आयोजित होगी परीक्षा
नोटिफिकेशन के मुताबिक भर्ती परीक्षा 3 जुलाई से 12 जुलाई तक कानपुर और बेंगलुरु में आयोजित की जाएगी। परीक्षा के दौरान स्टूडेंट्स सभी डॉक्यूमेंट्स लेकर जाने होंगे। परीक्षा का एडमिट कार्ड एग्जाम 15 दिन पहले जारी किया जाएगा
भारतीय वायुसेना में आवेदन के लिए योग्यता
आवेदकों को न्यूनतम उत्तीर्ण अंकों के साथ 10वीं कक्षा/मैट्रिकुलेशन या समकक्ष योग्यता पूरी करनी होगी। उम्मीदवारों को संगीत में भी कुशल होना चाहिए। इसके अलावा अभ्यर्थियों वाद्ययंत्रों का मिलान करने भी आना चाहिए
म्यूजिकल सर्टिफिकेट
उम्मीदवारों के पास ग्रेड 5 स्तर या समकक्ष स्तर पर खेल का सर्टिफिकेट भी होना चाहिए। साथ ही हिंदुस्तानी या कर्नाटक संगीत में डिप्लोमा होना चाहिए, या विभिन्न आयोजनों में प्रदर्शन/भागीदारी का प्रमाणपत्र होना चाहिए।
अग्निवीर वायु 2024 भर्ती के लिए ऐसे कर सकेंगे आवेदन
सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं।
इसके बाद अग्निवीर वायु 2024 लिंक पर क्लिक करें।
पर्सनल डिटेल्स दर्ज करके सबमिट करें।
अब अग्निवीर वायु 2024 का फॉर्म भरें और सबमिट करें
इसके बाद फॉर्म की एक प्रति डाउनलोड कर अपने पास रख लें।
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