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26 April Spasht Express 2024

हाईवे किनारे पानी निकासी नाली के चेम्बरों को दुरुस्त किया

स्पष्ट एक्सप्रेस।
खैरी खुर्द, 25 अप्रैल 2024: हाईवे किनारे पानी की निकासी के लिए नालियां बनाई गईं है, ताकि बरसाती पानी हाईवे पर इकठ्ठा ना होकर निकासी नाली से बहकर सिंचाई गूलों में चला जाए अथवा अन्य नहरों में चला जाए।

          इन निकासी नालियों को ऊपर से स्लीपर द्वारा ढका हुआ है। लेकिन, ग्राम खैरी खुर्द में जगह जगह स्लीपर टूटे हुए हैं, जिन्हे खबर का संज्ञान लेकर एनएच डोईवाला ने पहले भी बंद किया था। आज खैरी खुर्द लेन न 3 के सामने टूटे स्लीपरों को नए स्लीपर लगाकर दुरुस्त किया गया।

          इस दौरान लेन न 3 के निवासी प्रकाश कुलियाल, भगवान सिंह रावत, आशीष जोशी की देखरेख में एनएच डोईवाला के कर्मी बेलदार दीपक, सुजीत व उमेश ने टूटे स्लीपरों को बदलकर नए स्लीपर लगाए व निकासी नाली के गड्ढों को बंद किया। व लेन 3 को जाने वाले मार्ग को दुरुस्त किया।



नेपालीफार्म, छिद्दरवाला व हरिपुर में होगा बस स्टैंड एवं शौचालय का निर्माण 
स्पष्ट एक्सप्रेस।
नेपालीफार्म, 25 अप्रैल 2024: गुरुवार को डोईवाला ब्लाक प्रमुख भगवान सिंह पोखरियाल ने हाईवे अधिकारियों के साथ नेपालीफार्म और छिद्दरवाला, हरिपुर क्षेत्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने घोषणा की कि इन क्षेत्रों में बस स्टैंड और शौचालयों का निर्माण किया जाएगा।
          इस पहल का उद्देश्य स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना और क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देना है। ब्लाक प्रमुख ने हाईवे अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जल्द से जल्द काम शुरू करें और यह सुनिश्चित करें कि निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता वाला हो।       
  यह पहल निश्चित रूप से नेपालीफार्म और छिद्दरवाला, हरिपुर क्षेत्र के निवासियों के लिए फायदेमंद होगी। बस स्टैंड और शौचालयों के निर्माण से क्षेत्र में बुनियादी ढांचे में सुधार होगा और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
           निरीक्षण के दौरान, ब्लाक प्रमुख भगवान सिंह पोखरियाल, हाईवे अधिकारी, खैरी कलां प्रधान चंद्रमोहन पोखरियाल, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि, छिद्दरवाला बलविंदर सिंह, ग्राम प्रधान भगवान सिंह मेहर, मनोज नोड़ियाल आदि मौजूद थे। उन्होंने हाईवे के किनारे खुले छोड़े गए ड्रेनेज सिस्टम को बंद करने और उसकी सफाई करने के भी निर्देश दिए।
          

तीर्थ पुरोहित समाज एवं व्यापारियों में आक्रोश, मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
 स्पष्ट एक्सप्रेस।
ऋषिकेश, 25 अप्रैल 2024: केदारनाथ धाम में भवनों की अनियमित तरीके सेे तोड़-फोड़ की कार्यवाही से केदारसभा, तीर्थ पुरोहित समाज एवं व्यापारियों में आक्रोश बना हुआ है। इस बाबत उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर आगामी दस मई से शुरू होने वाली यात्रा का सम्पूर्ण बहिष्कार की चेतावनी दी है। बहिष्कार के तहत यात्रा मार्ग पर सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान, भवन, विश्राम गृह सभी बंद रखे जायेंगे। वहीं तीर्थ पुरोहितों ने केदारनाथ में गौशाला तोड़े जाने पर गहरा दुख जताया है। प्रशासन की इस कार्यवाही के खिलाफ हाईकोर्ट जाने की चेतावनी भी दी गई है।
          दरअसल, केदारनाथ धाम में तीसरे चरण के पुनर्निर्माण कार्य चल रहे हैं। निर्माण के तहत पुराने भवनों को तोड़कर नये भवनों का निर्माण होना है, लेकिन यह कार्य तीर्थ पुरोहित समाज एवं हक-हकूकधारियों के राय-मश्वरे के हो रहे हैं, जिस कारण केदारसभा, तीर्थ पुरोहित समाज एवं व्यापारियों में आक्रोश बना हुआ है। ऐसे में केदारसभा ने बैठक कर शासन-प्रशासन की इस कार्यवाही का विरोध किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भेजे ज्ञापन में केदारसभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने कहा कि केदारनाथ धाम में शासन-प्रशासन द्वारा अनियोजित तरीके से भवनों के साथ तोड़-फोड़ की जा रही है। इस तोड़फोड़ का लगातार विरोध किया जा रहा है, बावजूद इसके स्थानीय लोगों की अनुमति के बिना कार्यवाही की जा रही है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम में ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों द्वारा भवनों के आगे गड्डे बनाए जा रहे हैं, जिससे उनके भवनों को क्षति पहुंच रही है। कहा कि शासन-प्रशासन की इस तरह की कार्यवाही के चलते स्थानीय व्यापारी, होटल स्वामी 10 मई को केदारनाथ धाम में अपने प्रतिष्ठान, भवन एवं विश्रामगृह बंद रखेंगे। वहीं दूसरी ओर केदारनाथ में भू-स्वामियों के भवनों के आगे गड्डे बनाने को लेकर नाराज तीर्थपुरोहितों ने अधिकारियों के खिलाफ पुलिस में तहरीर दी है। पुलिस अधीक्षक को अवगत कराते हुए तीर्थपुरोहितों ने कार्यवाही की मांग की है।                        केदारनाथ के तीर्थ पुरोहितों ने कहा कि उनका यात्रा पर ही सबकुछ निर्भर है। केदारनाथ में भूमिधरी का अधिकार मिलने के बावजूद शासन-प्रशासन अपनी मनमर्जी कर रहा है। वह जमीन कब्जे की नहीं है, जिस तरह से अधिकारी बिना नोटिस के कार्यवाही कर रहे हैं, उसको लेकर न्यायालय की शरण ली जाएगी। केदारनाथ के लिए 2013 में शासनादेश भी जारी हो गया था, फिर भी उन्हें अनावश्यक परेशान किया जा रहा है। कहा कि तीर्थ पुरोहितों ने इस मामले में पुलिस को तहरीर दे दी है। केदारनाथ धाम के वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित संतोष त्रिवेदी ने कहा कि केदारनाथ धाम में बनाई गई गौशाला को भी प्रशासन ने तोड़ दिया है। यह प्रशासन की कुंठित मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को भगवान भोले का दूध का अभिषेक कराने को लेकर बड़ी मुश्किल से धाम तक गाय पहुंचाई जाती है और इस गौशाला में गायों को रखा जाता है। प्रशासन ने गौशाला को तोड़कर अच्छा कार्य नहीं किया है।


जिनोमिक्स प्रोटियोमिक्स और सूक्ष्म जीव विज्ञान तथा रिकंबाइनेंट डीएनए टेक्नोलॉजी में नवाचार और  अनुप्रयोग विषय में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
स्पष्ट एक्सप्रेस।
ऋषिकेश, 25 अप्रैल 2024: पंडित ललित मोहन शर्मा श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय परिसर, ऋषिकेश के मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी विभाग में जिनोमिक्स प्रोटियोमिक्स और सूक्ष्म जीव विज्ञान तथा रिकंबाइनेंट डीएनए टेक्नोलॉजी में नवाचार और अनुप्रयोग विषय में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन डीएनए लैब, देहरादून के सहयोग से किया जा रहा है।      
          कार्यशाला के उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि सीमा डेंटल कॉलेज के प्राचार्य डॉ पी. नारायण प्रसाद ने संपूर्ण मानव जीनोम अनुक्रमण के द्वारा किसी भी बीमारी के निदान के लिए उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
          कार्यशाला में विशिष्ठ आतिथि कला संकायाध्यक्ष प्रो डी सी गोस्वामी ने दो दिवसीय कार्यशाला के आयोजन पर सभी आयोजकों को शुभकामनाएं दी तथा प्रतिभागियों को इस प्रकार की आयोजनों द्वारा सीखने की क्षमता के विकास पर जोर दिया।         
इस अवसर पर कार्यशाला आयोजन सचिव व विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो गुलशन कुमार ढींगरा ने कार्यशाला की रूपरेखा तथा इसके उदेश्य के बारे में विस्तार से बताया, उन्होंने सीमा डेंटल कॉलेज के प्राचार्य डॉर पी नारायण प्रसाद का विशेष आभार व्यक्त किया, साथ ही उन्होंने आज के मुख्य वक्ता दून मेडिकल कॉलेज के डॉ शलभ जौहरी व राजकीय स्नातकोतर महाविद्यालय नागनाथ पोखरी के डॉ अभय श्रीवास्तव व श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय परिसर, ऋषिकेश  के कला संकायाध्यक्ष प्रो डीसी गोस्वामी  तथा डीएनए लैब, देहरादून के बैज्ञानिक व हेड डॉ नरोतम शर्मा व उनकी टीम व परिसर की  फैकेल्टी तथा विभिन्न महाविद्यालय, विश्वविद्यालय से आए प्रतिभागियों का कार्यशाला में स्वागत किया उन्होंने कहा कि डीएनए लैब के साथ श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के हुए MOU के बाद यह पहला कार्यक्रम है जिससे परिसर में अनुसंथान की गतिविधि को प्रवाह मिलेगा। 
         इस अवसर पर कार्यशाला के सह-आयोजन सचिव डीएनए लैब, देहरादून के बैज्ञानिक व हेड डॉ नरोतम शर्मा ने कार्यशाला आयोजन का उदेश्य बताया कि वर्तमान युग में बिना अनुसंधान व अनुशासन के बीमारियों का निदान संभव नहीं है इसलिए चिकित्सा जगत से जुड़े छात्रों के लिए इस प्रकार की कार्यशाला महत्वपूर्ण हो जाती है। कार्यशाला का शुभारम्भ अतिथियों के दीप प्रज्वलन व सरस्वती वंदना, स्वागत गान व सभी अथिथियो को पुष्प गुच्छ व स्मृति चिह्न भेंट के साथ हुआ।         
इस अवसर पर ऋषिकेश परिसर के निदेशक प्रो महावीर सिंह रावत तथा श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो एन के जोशी ने आभासी माध्यम से कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए प्रो गुलशन कुमार ढींगरा तथा डीएनए लैब्स के डॉ नरोत्तम शर्मा को शुभकामनाएं प्रेषित की।
          कार्यशाला के तकनीकी सत्र में प्रथम वक्ता राजकीय दून मेडिकल कॉलेज देहरादून के प्रोफेसर  डॉ शलभ जौहरी ने फ्लो साइटोमेट्री विषय पर व्याख्यान दिया उन्होंने बताया कि फ्लो साइटोमेट्री एक शक्तिशाली उपकरण है जिसका इम्यूनोलॉजी, वायरोलॉजी, आणविक जीवविज्ञान, कैंसर जीवविज्ञान और संक्रामक रोग निगरानी जैसे कई विषयों में अनुप्रयोग होता है। उदाहरण के लिए, यह प्रतिरक्षा प्रणाली के अध्ययन और संक्रामक रोगों और कैंसर के प्रति इसकी प्रतिक्रिया के लिए बहुत प्रभावी है। जिसके अंतर्गत उन्होंने संक्रमित कोशिकाओं को मापने तथा प्रयोगशाला में इसके नमूने के भौतिक एवं रासायनिक जांच करने की तकनीक के बारे में प्रतिभागियों को बताया इसके उसके बाद डॉ जौहरी ने बताया कि माइक्रोबायोलॉजी एक ऐसा क्षेत्र है जिसको हम सभी को जानने और समझने की जरूरत है सूक्ष्मजीवों तथा सूक्ष्म जीव विज्ञान का निदान तकनीक में महत्वपूर्ण स्थान है 
दूसरे व्याख्यान में डीएनए लैब्स के बैज्ञानिक डॉ नरोत्तम शर्मा ने आणविक जीव विज्ञान कार्य के लिए अभिक्रमांकों, रासायनिक तैयारी और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी प्रतिभागियों को दी इसके अलावा उन्होंने आणविक लक्षण वर्णन विश्लेषण के लिए न्यूक्लिक एसिड की भूमिका उसका संग्रह परिवहन और भंडारण कैसे किया जाता है के बारे में विस्तार से प्रतिभागियों को बताया 
          कार्यशाला के प्रशिक्षण सत्र में डीएनए लैब्स की डॉ अंकिता सिंह तथा श्री शशि भूषण ने क्लीनिकल तथा प्लांट सैंपल से न्यूक्लिक एसिड को पृथक करने की विधि सिलिका कालम तथा मैग्नेटिक बेड विधि द्वारा बताई। 
          कार्यशाला के तृतीय सत्र में डॉ नरोत्तम शर्मा ने वेस्टर्न ब्लाटिंग, एसडीएस पेज 2डी जैल इलेक्ट्रोफॉरेसिस का जैव  अभियांत्रिकी तथा कृषि विज्ञान में आनुवांशिक बिमारियों के कारको की पहचान व अनुप्रयोगों की जानकारी दी उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रोफोरेसिस एक वैज्ञानिक प्रयोगशाला तकनीक है जिसका उपयोग डीएनए, आरएनए या प्रोटीन अणुओं को उनके आकार और विद्युत आवेश के आधार पर अलग करने के लिए किया जाता है। अणुओं को स्थानांतरित करने के लिए उनमें विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है ताकि उन्हें एक जेल के माध्यम से अलग किया जा सके।       
  राजकीय स्नातकोतर महाविद्यालय नागनाथ पोखरी के डॉ अभय श्रीवास्तव टैक्सोनोमिक जटिलताओं को सुलझाने में आणविक प्रणाली विज्ञान की भूमिका पर व्याख्यान दिया जिसमे उन्होंने बताया कि आणविक प्रणाली विज्ञान टैक्सोनोमिक जटिलताओं को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके तंत्रों और तकनीकियों का उपयोग करके, आणविक प्रणाली विज्ञानी बिग डेटा और एनालिटिक्स का उपयोग करते हैं ताकि वे विभिन्न डेटा स्रोतों से जानकारी प्राप्त कर सकें और उन्हें समझ सकें। जिससे वे अधिक विश्वसनीय और दृश्यमान निर्णय ले सकते हैं। इसके अलावा, आणविक प्रणाली विज्ञान विभिन्न आवश्यक तकनीकों का उपयोग करता है । इस तरह, आणविक प्रणाली विज्ञान टैक्सोनोमिक जटिलताओं के समाधान में एक महत्वपूर्ण सहायक बनता है।
कार्यशाला के प्रथम दिवस के अंत में सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए जिसमे परिसर के एमएलटी के छात्राओं तथा  डीएनए लैब की ओर से रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।



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