पंडित ललित मोहन शर्मा श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय ऋषिकेश की छह सदस्यीय टीम ने भारत मंडपम में जी- 20 यूनिवर्सिटी कनेक्ट कार्यक्रम में प्रतिनिधित्व किया स्पष्ट एक्सप्रेस।ऋषिकेश 27 सितम्बर 2023 : ऋषिकेश ऋषिकेश पंडित ललित मोहन शर्मा श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय परिसर ऋषिकेश की छह स्दस्सीय टीम ने भारत मंडपम में जी20 यूनिवर्सिटी कनेक्ट कार्यक्रम में विज्ञान संकाय अध्यक्ष प्रो गुलशन कुमार ढींगरा के नेतृत्व में विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व किया I जिसमें डॉ सुनीति कुड़ियल, डॉ अशोक कुमार मैन्दोला छात्र कुमारी पूजा पांडे, मैत्री सकलानी, लकी ने प्रतिभा किया सदस्यों ने यूजीसी अध्यक्ष एम जगदीश कुमार से भी मुलाकात की I जी-20 यूनिवर्सिटी कनेक्ट कार्यक्रम में प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी द्वारा संबोधित किया गया जिसमें उन्होंने अपने को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने पारदर्शिता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज ईमानदारों को पुरस्कृत किया जा रहा है, जबकि बेईमानों पर कार्रवाई की जा रही है। पिछले नौ वर्षों में सरकार ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए ईमानदार प्रयास किए हैं 30 दिनों का रिपोर्ट कार्ड मोदी ने कहा, भारत कुछ न कुछ नया करने वाली जगह बनता जा रहा है। पिछले 30 दिनों मे आपको नए भारत की गति और पैमाने का अंदाजा हो जाएगा। 23 अगस्त तो आपको याद ही होगा! हर कोई प्रार्थना कर रहा था और तभी अचानक सबके चेहरे पर मुस्कान आ गई। पूरी दुनिया ने सुनी भारत की आवाज भारत चांद पर है भारत की कूटनीति नई ऊंचाई पर पहुंची मोदी ने कहा कि पिछले 30 दिनों के दौरान भारत की कूटनीति एक नई ऊंचाई पर पहुंची है। जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान लिए गए कुछ निर्णयों में 21वीं सदी की दुनिया की दिशा बदलने की क्षमता है। उन्होंने इस महीने की शुरुआत में दिल्ली में जी20 शिखर सम्मेलन का जिक्र करते हुए कहा, आज के ध्रुवीकृत अंतरराष्ट्रीय माहौल में इतने सारे देशों को एक मंच पर लाना कोई छोटी बात नहीं है। उन्होंने बीते 30 दिनों में दुनिया भर के 85 नेताओं से मुलाकात की।

राज्य स्तरीय टेक्नो मेले मे राइका छिद्दरवाला के अक्षिता थलवाल द्वितीय व सौम्य वर्मा तृतीय स्थान पर रहेछिद्दरवाला, 27 सितम्बर 2023 : राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद उत्तराखंड की ओर से अजीम प्रेमजी फाउंडेशन परिसर,आमवाला देहरादून में उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा के नवाचार प्रथम टेक्नो मेला का आयोजन हुआ। जिसमें अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज छिद्दरवाला के छात्रों ने बेहतर प्रदर्शन किया। ग्रुप ए, कक्षा 6 से 8 वर्ग में कक्षा सात की छात्रा सौम्या वर्मा ने तृतीय व ग्रुप बी कक्षा 9 से 10 में अक्षिता थलवाल ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। प्रधानाचार्य प्रमोद थपलियाल ने बताया कि इससे पूर्व जनपद स्तर पर ग्रुप ए, ग्रुप बी एवं ग्रुप सी तीनों श्रेणियों में भी छिद्दरवाला के छात्रों ने प्रथम स्थान प्राप्त किए थे। उन्होंने छात्रों की इस सफलता पर मार्गदर्शक शिक्षक पंकज किशोर बिजलवाण को बधाई देते हुए कहा कि बताया कि ऐसे शिक्षक ही समाज मे प्रेरणा का कार्य करते हैं ।
बैक मे उपभोक्ताओ के साथ धोखाधड़ी का मामला एक करोड़ के पार पहुंचा,पजाब नेशनल बैक ,रायवाला के प्रबंधक के खिलाफ पुलिस को दी तहरीर
स्पष्ट एक्सप्रेस।
रायवाला, 27 सितम्बर 2023 : रायवाला मे पंजाब नेशनल बैक की शाखा इन दिनो सुर्खियो मे है | जहा बैक कर्मचारी की उपभोक्ताओ के साथ धोखधडी का मामला अब तक एक करोड रूपये से अधिक के पार पहुंच चुका है | जहा पीड़ित उपभोक्ताओं ने बैंक में जमकर हंगामा काटा। उन्होंने मौजूद अधिकारियों को भी खरी खोटी सुनाई।
बुधवार को पीड़ित उपभोक्ताओं ने रायवाला बैंक प्रबंधक के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी। जिसमें उन्होंने बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से खाता धारकों की रकम हड़पने का आरोप लगाया है। उन्होंने बैंक प्रबंधक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
उधर बैंक में धोखाधड़ी के शिकार लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। आठ लोगों ने पुलिस को दी तहरीर में हस्ताक्षर किए। जब वे थाने से बाहर निकले तो दो पीड़ित और थाने पहुंच गए। बैंक धोखाधडी का समाचार पढ़कर लोग अपने खाते चैक करने पीएनबी आ रहे हैं। दस उपभोक्ताओं के साथ लगभग 80 लाख रुपये की धोखाधड़ी सामने आ चुकी है। पीड़ित उपभोक्ताओं में सुमति भट्ट, सबल सिंह, दर्शनी देवी, सुनीता रतूड़ी, सरोज, प्रदीप सेमवाल, शिमोनी देवी मौजूद रहे।
रजिस्ट्री फर्जीवाड़ा मामले में बंद वरिष्ठ नामी अधिवक्ता कमल वीरमानी की जमानत याचिका खारिज स्पष्ट एक्सप्रेस।
देहरादून, 28 सितंबर 2023 : रजिस्ट्री फर्जीवाड़ा के मामले में 27 अगस्त से जेल में बंद वरिष्ठ नामी अधिवक्ता कमल वीरमानी की जमानत याचिका जिला जज देहरादून की कोर्ट में खारिज कर दी है जिला जज द्वारा अपने आदेश में की गई व्याख्या से यह वर्णित होता है कि अपराध अपने आप में कितनी गंभीर श्रेणी का है । जो इस प्रकार है" यह इस प्रकृति का अपराध है कि जिससे लोगों की न्याय व्यवस्था पर से आस्था हट जाती है, क्योंकि वर्तमान अपराध के अंतर्गत जो कूटरचित दस्तावेज बनाए गए हैं उनकी प्रामाणिक प्रतिलिपियों को न्यायालय भी भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत 30 वर्ष प्राचीन होने के आधार पर सामान्य रूप से साबित करने की अपेक्षा नहीं रखता है। इन परिस्थितियों में इस प्रकृति के अपराध से न्याय प्रशासन की नींव पर प्रहार होता है और अभियुक्त इसी न्याय प्रशासन का एक हिस्सा होने के कारण से ऐसे अपराध में संलिप्त होना और भी गंभीर हो जाता है, इन परिस्थितियों में अभियुक्त द्वारा दिया गया जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त किए जाने योग्य है।
जमानत याचिका पर 23 सितंबर को सुनवाई की गई थी। बचाव व अभियोजन पक्ष की करीब ढाई घंटे की बहस सुनने के बाद जिला जज प्रदीप पंत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। जमानत याचिका पर बचाव पक्ष कीओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा, एवं श्री एस0 के0 धर अधिवक्ता देहरादून ,जबकि अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता गुरु प्रसाद रतूड़ी ने अभियुक्त की जमानत के विरोध करते हुए विवेचक के द्वारा लिखित साक्ष्यों के पर आधार पर ठोस तर्क रखे थे।
अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता गुरु प्रसाद रतूड़ी जमानत के विरोध में अपने तर्कों में बताया की यह मामला आम आमजन की संपत्ति के फर्जीवाड़े से जुड़ा है जिनकी न्याय और न्यायपालिका पर गहरी निष्ठा है, इस प्रकरण में आरोपित कमल विरमानी व कुंवर पाल सिंह मुख्य अभियुक्त बनाए गए हैं अभियुक्त द्वारा अपनी 27 सालों के सिविल मामलों के अनुभव की जानकारी का गलत प्रयोग करते हुए फर्जी अभिलेखों की ड्राफ्टिंग की है, एवं न्यायालय के परिसर में अभियुक्त के मौजूद चेंबर के कंप्यूटर से उसके विरुद्ध कतिपय साक्ष्य भी प्राप्त है, और यदि अभियुक्त को जमानत हुई तो वह अपने सामाजिक रुतबे और प्रभाव का गलत इस्तेमाल कर साक्ष्य एवं साक्षियों से छेड़छाड़ कर व डरा धमका कर विवेचना में प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है, एवं रजिस्ट्री फर्जीवाड़े के मामले में अभी पूछताछ जारी है।
दूसरी तरफ अभियुक्त की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने पैरवी करते हुए कहा था कि उनके मुवक्किल का नाम एफआईआर में नहीं है। उन्हें सह अभियुक्तों के बयान के आधार पर ही गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्त पिछले 27 वर्षों से बतौर अधिवक्ता का व्यवसाय करता है , इसके अलावा भी उन्होंने अभियुक्त की ओर से जमानत याचना करते हुए अभियुक्त कमल विरमानी के पक्ष में तमाम तर्क रखे थे। इसके अलावा जमानत पत्र के समर्थन में अभियुक्त उसके चचेरे भाई परोपकार अतुल विरमानी द्वारा अपना शपथ पत्र प्रस्तुत करते हुए प्रस्तुत जमानत प्रार्थना पत्र को अभियुक्त की तरफ से इस न्यायालय में दिया गया प्रथम जमानत प्रार्थना पत्र होना बताया और इसके अतिरिक्त अभियुक्त कोई अन्य जमानत प्रार्थना पत्र किसी अन्य न्यायालय में लंबित नहीं है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला जज प्रदीप पंत द्वारा जमानत पर फैसला सुरक्षित रख लिया था, बुधवार दिनांक 27 सितंबर 2023 को जिला जज प्रदीप पंत ने न्यायालय में अभियुक्त के अधिवक्ता द्वारा जमानत याचिका के लिए रखे तर्को अभियोजन के द्वारा साक्ष्य के आधार पर रखें तर्कों का मूल्यांकन कर गुण दोष के आधार पर कर अभियुक्त कमल विरमानी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
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