2008 के हरिद्वार के एक रिश्वत के मामले में पूर्व एसटीएफ पुलिसकर्मी नागेश पाल को 5 साल की सजा सुनाई गई साथ ही 70000 ₹ का जुर्माना भी लगाया गया।
स्पष्ट एक्स्प्रेस : न्यायालय कोर्ट पैरोंकार श्री गोपाल सिंह कुँवर द्वारा बताया कि, श्री वरुण कुमार अग्रवाल निवासी अंबाला हाल निवासी गायत्री विहार थाना रायवाला जिला देहरादून में मार्च 2008 में विजिलेंस ऑफिस देहरादून में एक शिकायती पत्र दिया था जिसके अनुसार पूर्व एसटीएफ पुलिस कर्मी नागेश पाल द्वारा उसको यह कहकर धमकाया जा रहा था कि तुम रेत बजरी की अवैध सप्लाई करते हो इसकी एवज में उक्त पुलिस कर्मी₹10000 रिश्वत की मांग की गई थी, जिसके बाद विजिलेंस की टीम द्वारा वर्ष 2008 में उक्त सिपाही को रंगे हाथों की गिरफ्तार किया गया, तत्पश्चात एडीजे सप्तम विशेष न्यायाधीश सतर्कता अंजली नोलियाल की अदालत के सामने केस फाइल किया गया न्यायालय के गवाही से संतुष्ट होकर माननीय विशेष न्यायालय द्वारा उक्त आरोपी उत्तराखंड पुलिस के कांस्टेबल नागेश पाल को दोषी करार देते हुए धारा 13(1 )तथा धारा 13(2 )भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी पाते हुए 5 साल सश्रम करवास की सजा सुनाई गई एवं ₹70000 का जुर्माना लगाया गया जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी, उक्त आरोपी पुलिसकर्मी को न्यायालय से हिरासत में लेकर सुद्धो वाला देहरादून जेल भेज दिया गया ।
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