स्पष्ट एक्सप्रेस।
आईडीपीएल, 18 नवंबर 2024: नगर निगम की हाईमास्ट लाइट मकड़ी के जाले से ढकी होने के कारण हाईवे पर अंधेरा छाया रहता है। लेकिन, नगर निगम को इसकी कोई परवाह नहीं है । 27 अक्टूबर को ऑनलाइन खबर चलाने के बाद भी 29 अक्टूबर तक उक्त नगर निगम की हाईमास्ट लाइट में लगे मकड़ी के जाले को हटाया नहीं जा सका है ।
हिंदू मान्यता के अनुसार धनतेरस से पहले साफ- सफाई को प्राथमिकता दी जाती है। इसी क्रम में नगर निगम द्वारा जगह-जगह साफ-सफाई अभियान भी चलाया जाता रहा है ।
बावजूद इसके हाईवे पर मकड़ी के जाले से ढकी हाईमास्ट लाइट पर किसी की नजर नहींीं पड़ी है। जिससे पता चलता है कि नगर निगम अपने कार्यों के प्रति कितना सजग है ।
जापान में आयोजित साकुरा साइंस छात्र विनिमय कार्यक्रम में केन्द्रीय विद्यालय रायवाला की छात्रा सान्वी कुॅंवर ने प्रतिभाग कर क्षेत्र का मान बढ़ाया
रायवाला, 19 नवंबर 2024: जापान के टोक्यो में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय विद्यालय संगठन के नौ छात्रों ने साकुरा साइंस छात्र विनिमय कार्यक्रम में भाग लिया। जिसमें उत्तराखंड से केन्द्रीय विद्यालय रायवाला की छात्रा सान्वी कुॅंवर ने प्रतिभाग कर क्षेत्र का मान बढ़ाया है।
कार्यक्रम में देश के कुल 47 छात्र छात्राओं ने हिस्सा लिया। जिसमें छात्रों के साथ चार शिक्षक भी शामिल थे। मंगलवार को विद्यालय पहुंचने पर केंद्रीय विद्यालय रायवाला की प्राचार्य रीता इंद्रजीत सिंह, शिक्षकों व विद्यालय के बच्चों ने बालिका का जोरदार स्वागत और अभिनंदन किया। बालिका सान्वी ने अपने अनुभव बच्चों और शिक्षकों के साथ साझा किए। कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने जापान के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों और विश्वविद्यालयों का दौरा किया। जिनमें काज़ुसा डीएनए रिसर्च इंस्टीट्यूट, सैतामा विश्वविद्यालय और टोक्यो विश्वविद्यालय शामिल हैं। इन संस्थानों में जाकर छात्रों को जैव प्रौद्योगिकी और आनुवंशिकी जैसे क्षेत्रों में चल रहे अत्याधुनिक शोध को देखने और समझने का मौका मिला। जिससे उनके विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि और भी बढ़ी।
इसके अलावा छात्रों ने सैतामा के कोशीगायाकिता हाई स्कूल के छात्रों से मिलकर संवाद किया। इस मुलाकात में उन्होंने खेल खेले, साथ में लंच किया और जापानी छात्रों के साथ अपने अनुभवों को साझा किया। जिससे अंतरराष्ट्रीय मित्रता का निर्माण हुआ और जापान के छात्रों के जीवन के बारे में समझ मिली। छात्रों को जापान की सांस्कृतिक धरोहर को जानने का भी मौका मिला। उन्होंने आसाकुसा मंदिर और यासुकुनी श्राइन का दौरा किया। जहां उन्होंने जापान के इतिहास और परंपराओं के बारे में जाना। इसके अलावा छात्रों ने मिंट म्यूज़ियम और मीराइकान म्यूज़ियम ऑफ इनोवेशन एंड साइंस का भी दौरा किया। जो जापान के वैज्ञानिक योगदानों को समझने का एक बेहतरीन अवसर था।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण भारतीय दूतावास में भारतीय राजदूत से मुलाकात थी। जहां छात्रों ने जापान में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों से भी बातचीत की। इस मुलाकात से छात्रों को भारत और जापान के बीच शैक्षिक संबंधों और सहयोग के बारे में जानकारी मिली। साथ ही वे विदेशों में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों के अनुभवों से भी अवगत हुए।
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