स्पष्ट एक्सप्रेस।
श्यामपुर, 02 नवंबर 2024: हाईवे किनारे कूड़े के ढेर की जिला पंचायत सुध नहीं ले रहा है। IDPL कैनाल गेट से तुलसी विहार श्यामपुर चौकी तक पिता सकूड़ा हुआ है लेकिन जिला पंचायत का कूड़ा वाहन इस ओर का कूड़ा नहीं उठा रहा है।
उक्त क्षेत्र गुमानीवाला में आता है गुमानीवाला के जनप्रतिनिधि भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
मुनिकीरेती, 02 नवंबर 2024: स्वच्छ दीपावली-शुभ दीपावली कार्यक्रम के तहत नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला ने खाराश्रोत घाट से रामझूला घाट तक सूखे कूड़े के विरूद्ध विशेष स्वच्छता अभियान चलाया। जिसमें 01 कुंटल से अधिक सूखा कूड़ा एकत्र कर खारश्रोत अपशिष्ट केंद्र भेजा गया।
प्रशासक देवेंद्र सिंह नेगी और अधिशासी अधिकारी अंकिता जोशी के निर्देश पर शनिवार को सुपरवाइजर जितेंद्र सिंह सजवाण के नेतृत्व में पालिका, स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 की टीम और कुछ पर्यटक खाराश्रोत राफ्टिंग प्वाईंट में एकत्र हुए। यहां से सभी ने खाराश्रोत नदी, खाराश्रोत घाट, ओंकारानंद घाट, शत्रुघ्न घाट और रामझूला प्राचीन हनुमान मंदिर घाट में सूखे कूड़े के विरूद्ध विशेष स्वच्छता अभियान चलाया। इस दौरान 01 कुंटल से अधिक सूखा कूड़ा एकत्र कर खाराश्रोत अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र भेजा गया। इसके बाद पालिका ने स्थानीय लोगों ने निकाय क्षेत्र में साफ-सफाई के कार्यों का ब्यौरा लिया, जिसमें लोगों ने भीनिकाय के साफ-सफाई कार्यों पर संतुष्टि व्यक्त की।
डोईवाला/देहरादून, 02 नवंबर 2024: साईं कुटीर में आयोजित विमोचन कार्यक्रम में दून चिकित्सालय से सेवानिवृत्त वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एसडी जोशी द्वारा ‘साईं सृजन पटल’ ई-न्यूज लैटर के तीसरे अंक का विमोचन किया गया। इस ई-न्यूज लैटर ने समाज की विभिन्न पहलुओं, पर्वतीय संस्कृति, समाज सेवा और पर्यावरण जागरूकता के मुद्दों को समेटकर एक समृद्ध संगम प्रस्तुत किया है।
Bविमोचन के दौरान डॉ. जोशी ने इस अंक में शामिल विविध सामुदायिक पहलों और सांस्कृतिक विरासत की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया।
संपादक डॉ. के. एल. तलवाड़ ने बताया कि यह अंक नवरात्रि, दशहरा और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहारों की व्यस्तता के बावजूद प्रकाशित हुआ और इसे पाठकों से खूब सराहना मिली है। उन्होंने कहा कि साई सृजन पटल का यह अंक विभिन्न समुदायों के उत्थान, पर्यावरण संरक्षण, और सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देने का एक अनूठा प्रयास है।
इस अंक में गढ़भोज दिवस पर झंगोरे की खीर की विशेष रेसिपी, बड़कोट महाविद्यालय की पूर्व छात्रा भारती आनंद की प्रेरणादायक कहानी, संदीप और यश की चित्रकारी, और निर्मल नर्सरी के बागवानी में उल्लेखनीय कार्य को भी प्रस्तुत किया गया है। इसके अतिरिक्त, बड़कोट नगर पालिका का ‘कबाड़ से जुगाड़’ प्रयास, उत्तराखंडी हस्तकला को प्रोत्साहित करने के लिए रानीपोखरी के उत्तरा स्टेट एम्पोरियम, तथा पिरुल से बने सजावटी हस्तशिल्प के लिए मंजू आर. सिंह की प्रदर्शनी इस अंक की खासियत हैं।
साई सृजन पटल के इस संस्करण में डॉ. एस. डी. जोशी का नि:शुल्क चिकित्सा शिविर, डॉ. अफरोज की नि:शुल्क कोचिंग सेवा, यमुना घाटी की भवन निर्माण शैली, और डॉ. एस. डी. तिवारी की प्राण वायु मुहिम जैसे पर्यावरण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को लेकर किए गए प्रयास भी प्रमुखता से प्रकाशित किए गए हैं।
इस अवसर पर डॉ जोशी ने कहा कि यह अंक केवल समाचार का संकलन नहीं, बल्कि एक ऐसी प्रेरणा है जो हमारे सांस्कृतिक मूल्यों, पर्यावरण संरक्षण और समाज के उत्थान के लिए एक सशक्त माध्यम बनकर उभरता है।साई सृजन पटल का यह अंक न केवल सांस्कृतिक और सामुदायिक संदेशों को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास है, बल्कि यह समाज में सकारात्मक परिवर्तन की ओर एक मजबूत कदम है।इस मौके पर न्यूज़ लैटर के सह संपादक अंकित तिवारी, नीलम तलवाड़, इनसाइडी क्रिएटिव मीडिया के सीईओ अक्षत तलवाड़ मौजूद रहे।
ऋषिकेश, 02 नवंबर 2024 : तीर्थ नगरी के विभिन्न आश्रमों में शनिवार को श्री गोवर्धन पूजा का महोत्सव बड़े ही धूमधाम एवं हर्षोल्लास से मनाया गया। सर्वप्रथम गौ माता की पूजा की आरती की, 56 भोग लगाया गया और परिक्रमा कर उनका आशीर्वाद लिया।
शनिवार को आयोजित गोबर्धन पूजा में नि. महापौर अनिता ममगाईं ने इस पावन पर्व पर बिभिन्न मंदिरों और आश्रमों में जाकर गोवर्धन पर्वत की पूजा अर्चना की और आशीर्वाद लिया। सबसे पहले वे दंडी वाड़ा आश्रम, फिर रामानंद आश्रम, दुर्गा मंदिर देहरादून रोड, भूरी माई धर्मशाला, जय राम आश्रम, त्रिवेणी घाट आयोजित भंडारा, फिर आवास विकास पहुंची। इस दौरान उन्होंने आम जन से भी मुलाकात की और पर्व पर बधाई और शुभकामनायें दी। ममगाईं ने कहा, भगवान को अभिमान बिल्कुल भी पसंद नहीं है इंद्र को अपना अभिमान था 7 दिन लगातार बारिश हुई थी, लेकिन भगवान ने अपनी एक छोटी सी उंगली में गोवर्धन पर्वत को उठाकर उन्होंने गोवर्धन वासियों की रक्षा की । क्योंकि भगवान कभी घमंड अभिमान पसंद नहीं करते।
आज के समय इन बातों को समझने की जरुरत है। युवा पीढ़ी हमारे तीज पर्व को आगे आ कर मनाएं। इनमें अहम सन्देश होता है। इससे उनको हमारी देश की महान सनातन परम्परा के बारे में तो रूबरू होने का मौका मिलेगा ही साथ ही हमारी तीज पर्वों को अगली पीढ़ी के लिए सीखने के अवसर भी पैदा होते रहेंगे। आज के दिन, पूजा में लोग भगवान श्री कृष्ण से आराधना करके खुशहाल जीवन की कामना करते हैं। इस भोग का आधार यह मान्यता है कि भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठाकर गोकुल वासियों को इंद्र के प्रकोप से बचाया था। इस दौरान प्रातःकाल भगवान गोवर्धन को विधिवत पूजा अर्चना के बाद 56 भोग लगाया गया।
आपको बता दें, दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा की जाती है। लोग इसे अन्नकूट के नाम से भी जानते हैं। इस त्यौहार का भारतीय लोकजीवन में बहुत महत्व है। इस पर्व में प्रकृति के साथ मानव का सीधा सम्बन्ध दिखाई देता है। इस पर्व की अपनी मान्यता और लोककथा है। गोवर्धन पूजा में गोधन अर्थात गायों की पूजा की जाती है।
छिद्दरवाला, 02 नवंबर 2024: थाना रायवाला क्षेत्रांतर्गत शुक्रवार रात को दो पक्षों के बीच पाइपलाइन हटाने को लेकर हुए विवाद के चलते एक व्यक्ति ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से फायर कर ठेकेदार को घायल कर दिया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
रायवाला थाना पुलिस के अनुसार शुक्रवार की रात्रि में कंट्रोल रूम के माध्यम से थाना रायवाला को छिद्दरवाला में एक व्यक्ति द्वारा शहनवाज नाम के ठेकेदार को गोली मारकर घायल करने की सूचना प्राप्त हुई। प्रभारी निरीक्षक रायवाला मय फोर्स तत्काल घटनास्थल छिद्दरवाला पहुंचे।
मौके पर ही व्यक्ति को पकड़ लिया गया। उसके कब्जे से एक लाइसेंसी रिवाल्वर 32 बोर, तीन खोका कारतूस व दो जिन्दा कारतूस बरामद हुए। पूछताछ में पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम अरजिंदर पुत्र स्व. चंदन सिंह निवासी चक जोगीवाला, छिद्दरवाला बताया। घायल व्यक्ति शाहनवाज को उसके परिजन जॉलीग्रांट अस्पताल ले गए है।
ऋषिकेश, 02 नवंबर 2024: शनिवार 02 नवंबर सुबह 10:15 को स्वर्गीय श्रीमती मृदुला सचदेवा जी धर्मपत्नी स्वर्गीय श्री गोपीचंद (73वर्ष), गोविंद नगर कोटद्वार निवासी का निधन हो गया।
उनके पौत्र देवान्श सचदेवा जी ने आँखें दान करने की इच्छा (बाबु जी) श्री आतम प्रकाश जी को दलजीत सिंह के माध्यम से बताई और निर्मल आश्रम आई इंस्टिट्यूट की टीम (डॉ. कृति व श्री मकरेंदु) ने दिवंगत के कोटद्वार स्थित निवास जाकर कॉर्निया प्राप्त किया। समाजसेवी श्री दलजीत सिंह जी का इस नेत्रदान में विशेष सहयोग रहा है। उस वक़्त परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद थे। इस नेत्रदान के जरिये दो लोग इस सुन्दर संसार को देख पाएंगे। निर्मल आश्रम आई इंस्टिट्यूट प्रशासन ने परिवार की नेत्रदान सेवा भावना की प्रशंसा की। जिससे इस नेत्रदान से समाज को प्रेरणा मिलेगी।
नेत्रदान के लिए आवश्यक बातें।
1. मृत्यु के 6 घंटे के अंदर आंखें दान कर देनी चाहिए।
2. मृतक की आँखे बंद करके उसके ऊपर गीली रुई रख देनी चाहिए।
3. पंखा बंद कर दें ऐ. सी. हो तो चलने दें।
4. सिर के नीचे तकिया रख दें।
नेत्रदान करने के लिए संपर्क कर सकतें हैं।
9837607526
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