स्थाई लोक अदालत के चेयरमैन ने संभाला पदभार
स्पष्ट एक्सप्रेस
देहरादून, शनिवार 24 फरवरी 2024: जनपद न्यायालय में परिसर में स्थापित स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष पद पर न्यायाधीश अंजलि नौलियाल ने ब्रहस्पतिवार को कार्यभार ग्रहण किया, इस दौरान स्थायी लोक अदालत के सदस्यों व अधिवक्ताओं ने उनका स्वागत किया। कार्यभार ग्रहण करने के बाद न्यायाधीश अंजलि नौलियाल ने अधिक से अधिक वादों का निस्तारण सुलह-समझौते के आधार पर कराने का आश्वासन दिया।
स्थायी लोक अदालत एक त्रिसदस्यीय पीठ है जिसमें सार्वजनिक प्रकृति की संस्थाओं के विरुद्ध याचिका दाखिल की जाती है। इसमें बैंक शामिल नहीं है। बीमा कंपनी डाकविभाग परिवहन विभाग विद्युत विभाग चिकित्सा इत्यादि शामिल हैं।
इससे पहले वह देहरादून मे ही अपर सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार के पद पर तैनात रहीं, विशेष न्यायाधीश के पद पर रहते हुए उन्होंने अपने दस माह अल्प कार्यकाल में सन् 2011-13 लंबित चले आ रहे भ्रष्टाचार केलगभग 9अपराधिक मामलों में तेजी से सुनवाई करते हुए , भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कानून के प्रावधानों के तहत इन मामलों से संबंधित अभियुक्तों को सश्रम करवास की सजा सुनाई थी।
कई अधिवक्ताओं से हमारे सवाददाता द्वारा बातचीत करने पर उनके द्वारा बताया कि उनकी कार्यशैली फास्ट ट्रैक कोर्ट से भी आगे की रही है तथा कई आपराधिक और भ्रष्टाचार के मामलों में वह निर्णय के काफी काफी करीब थी ।
इस दौरान गत बृहस्पतिवार को सप्तमअपर जिला सत्र विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार , अंजनी नौलियाल के स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति होने पर उनके अधीनस्थ कर्मचारियों द्वारा उन्हें गुलदस्ता भेंट कर विदाई दी एवं हार्दिक बधाई तथा शुभकामनाएं पेश की।
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देहरादून, 23 फरवरी 2024: पांच जिलों में नए साल से नई मेट्रो शराब बिकेगी। इस नई शराब को विदेशी मदिरा की दुकानों से बेचा जा सकेगा। उत्तराखंड गढ़वाल के इन पांचों जिलों में देसी शराब की बिक्री नहीं होती है। ऐसे में 40 प्रतिशत तीव्रता वाली इस शराब को देसी और विदेशी शराब के बीच का उत्पाद माना जा रहा है।
इस शराब का निर्माण प्रदेश की डिस्टीलरियों में ही किया जा सकेगा। इसके लिए 31 मार्च से पहले राजस्व समेत विभिन्न नियम कायदे तय कर दिए जाएंगे। गौरतलब है कि गढ़वाल के उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, पौड़ी और चमोली में देसी शराब की बिक्री नहीं होती है। इन जगहों के लिए अब नई आबकारी नीति में नई तरह की शराब की बिक्री की व्यवस्था की गई है।
इस शराब का नाम मेट्रो होगा। बता दें कि भारत निर्मित अंग्रेजी शराब की तीव्रता 42.8 होती है। जबकि, देसी शराब 36 और 25 प्रतिशत की तीव्रता की होती है। लेकिन, मेट्रो की तीव्रता 40 प्रतिशत होगी। यानी इसमें एल्कोहल की मात्रा 40 प्रतिशत होगी। ऐसे में लंबे समय से इन जनपदों में देसी शराब की बिक्री न होने के चलते इसे देसी का ही विकल्प माना जा रहा है। हालांकि, इसके लिए अलग से ठेके नहीं खोले जाएंगे। इसे विदेशी मदिरा दुकानों से ही खरीदा जा सकेगा।
देसी शराब की दुकानों पर समुद्र आयातित बीयर की बिक्री की अनुमति नहीं
आगामी 31 मार्च मेट्रो शराब की आपूर्ति दर, देय एमजीडी, एक्साइज ड्यूटी, थोक लाइसेंस संबंधी नियम काये तय कर दिए जाएंगे। मेट्रो शराब फलों और वनस्पतियों के स्वाद से युक्त उच्च गुणवत्ता युक्त स्प्रिट से प्रदेश की डिस्टीलरियों में ही बनेगी। इसके अलावा भी नई आबकारी नीति में कई तरह की नई व्यवस्थाएं की गई हैं। देसी शराब की दुकानों पर समुद्र आयातित बीयर की बिक्री की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, इन दुकानों से देश में निर्मित बीयर को बेचा जा सकेगा।
बीयर हो जाएगी महंगी
नए वित्तीय वर्ष से बीयर महंगी होने जा रही है। इस बार बीयर को अधिभार की परिधि में लाया गया है। इसके साथ ही इस पर हैंडलिंग चार्ज भी लगाया गया है। इससे माना जा रहा है कि सभी तरह की बीयर पहले से काफी महंगी हो जाएगी। इसके साथ ही शराब के दामों पर भी इस बार असर पड़ेगा। बताया जा रहा है कि नई व्यवस्थाओं से प्रदेश में शराब पहले से अधिक महंगी हो जाएगी। नशा विरोधी प्रचार प्रसार के लिए इस बार एक करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है।
दूसरा विभाग नहीं करेगा दुकानों की चेकिंग
दरअसल, विभिन्न तरह की शिकायतों पर अन्य विभाग भी शराब के ठेकों पर चेकिंग कर सकते हैं। मसलन टैक्स, पुलिस आदि। लेकिन, अब इसकी अनुमति शर्तों के साथ दी जाएगी। इसके लिए 48 घंटे पहले जिलाधिकारी से अनुमति ली जाएगी। इसके बाद ही चेकिंग की जा सकती है। ऐसे में माना यह भी जा रहा है कि यदि अनियमितताओं की शिकायत आज है तो दो दिन बाद वह रहेंगी या नहीं इसकी कोई गारंटी नहीं।

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