ऋषिकेश, 22 अक्टूबर 2023: भारी विरोध के बाद भी जिस तरह सिद्ध पीठ माँ कुंजापुरी माता मन्दिर में 'चाँद अफजल कादरी' द्वारा न केवल गायन करवाया गया बल्कि मंच के एलईडी पैनल पर मस्जिद के बैकग्राउण्ड को भी दर्शाया गया। एक सिद्ध पीठ की मर्यादा होती है कि कोई भी विधर्मी क्षेत्र में प्रवेश न कर सके। गौमांस भक्षण करने वाले मजहब के किसी भी अशुद्ध व्यक्ति का प्रवेश ऐसे सिद्ध क्षेत्रों में पूर्ण वर्जित होना चाहिये। सेकुलरिज्म, उदारता व विकास के नाम पर हिन्दू समाज की धर्म के प्रति संवेदनशीलता को निरन्तर शिथिल किया जा रहा है ताकि हिन्दू समाज को कमजोर किया जा सके। सनातन हिन्दू समाज के बीच सोए हुए हिन्दू, सेकुलर हिन्दू, राजनीतिक हिन्दू, गुटबाज हिन्दू, चाटुकार हिन्दू, जयचन्द हिन्दू की संख्या निरन्तर बढ़ती जा रही है जिसके कारण समाज के शक्तिसम्पन्न लोग हिन्दू समाज की भावनाओं की परवाह किये बगैर निरन्तर अपनी मनमानी कर रहे हैं और हिन्दू समाज को कमजोर करने का कार्य कर रहे हैं।
अतः हमारा मानना है सोए हुए हिन्दू, सेकुलर हिन्दू, राजनीतिक हिन्दू, गुटबाज हिन्दू, चाटुकार हिन्दू, जयचन्द हिन्दू का विरोध परम आवश्यक है, इन्हें जगाना परम आवश्यक है क्योंकि यदि यह जाग जायंगे तो शक्तिसम्पन्न लोगों को जागृत हिन्दू समाज के अनुरूप ढलना होगा उसी अनुरुप चलना होगा और इसी से हिन्दू समाज अपने धर्म, संस्कृति, परम्पराओं तथा मान्यताओं पर अडिग होगा और मौन रहकर कभी इनका अपमान नहीं सहेगा।
पुतला दहन में सुमित उनियाल, दिव्यांशु नेगी, आकाश बरनवाल, संजय सिलस्वाल, राजेश पयाल, सौरभ शर्मा चन्द्रभूषण शर्मा, सिद्धार्थ त्रिपाठी, सौरभ सिंह, मोहन भण्डारी, जितिन माथुर, विजय सिंह बिष्ट, सुरेन्द्र सिंह नेगी, यशवंत सिंह रावत, वीरेन मंडल इत्यादि सम्मिलित रहे।
0 Comments